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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर करें विचार, सीजेपी ने नड्डा से बैठक में रखी 3 शर्तें

दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट-यूजी (NEET-UG) और राष्ट्रीय परीक्षाओं में धांधली को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और छात्र संगठनों का विरोध प्रदर्शन जारी है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ी सीजेपी ने सरकार के साथ बातचीत के प्रस्तावों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए तीन प्रमुख शर्तें सामने रखी हैं। इसके साथ ही संगठन ने सरकार को शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर विचार करने के लिए शनिवार तक का अल्टीमेटम दिया है।

​सीजेपी द्वारा रखी गई तीन प्रमुख शर्तें

​केंद्र सरकार द्वारा बातचीत का प्रस्ताव भेजे जाने के बाद सीजेपी नेतृत्व और छात्र प्रतिनिधियों ने आपस में बैठक कर अपनी मांगे दोहराई हैं:

  1. ​धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा: पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पद से हटना अनिवार्य है।
  1. ​सार्वजनिक लिखित आश्वासन: सरकार केवल बयानों तक सीमित न रहे, बल्कि पेपर लीक विरोधी कड़े नियमों और अभ्यर्थियों के नुकसान की भरपाई का लिखित रोडमैप जारी करे।
  2. ​न्यूट्रल जगह पर पारदर्शी बातचीत: वार्ता किसी बंद कमरे या सरकारी दफ्तर के बजाय जंतर-मंतर पर खुले मंच या किसी तटस्थ (Neutral) स्थान पर हो।

​पीएम मोदी के ऐलान और ‘फास्ट-ट्रैक कोर्ट’ पर पलटवार

​प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ (X) पर पोस्ट कर पेपर लीक के दोषियों को सख्त सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट (Fast-Track Courts) बनाने का ऐलान किया था।

​सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके और पार्टी प्रवक्ता ने इस ऐलान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केवल फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने से राजनीतिक जवाबदेही खत्म नहीं हो जाती। जब तक सिस्टम के शीर्ष पर बैठे अधिकारी और मंत्री जिम्मेदारी नहीं लेते, तब तक छात्रों को वास्तविक न्याय नहीं मिल सकता।

​विपक्ष का समर्थन और राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन की अपील

​जंतर-मंतर पर चल रहे इस आंदोलन को राजनीतिक दलों का भी समर्थन मिल रहा है। दिल्ली के पूर्व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया और आप (AAP) नेता सौरभ भारद्वाज भी जंतर-मंतर पहुंचे।

  • ​मनीष सिसोदिया का बयान: “जब मांग शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की है, तो सरकार को सीधे उनकी बर्खास्तगी का ऐलान करना चाहिए। अगर मंत्री निर्दोष हैं तो जांच का सामना करें।”
  • ​देशभर में आंदोलन का आह्वान: सीजेपी ने शुक्रवार (24 जुलाई) को देश के सभी जिला मुख्यालयों पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने का आह्वान किया है।

​जंतर-मंतर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम

​20 जुलाई के ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान हुई झड़पों और पुलिस कार्रवाई के बाद जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है। दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। 

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