देश के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री का कीर्तिमान बनाने के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश और दुनिया को एक विशेष संदेश दिया है। 10 जून 2026 को अपने कार्यकाल के 4,399 दिन पूरे कर पंडित जवाहरलाल नेहरू का 64 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ने के बाद, पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर सुशासन और जनविश्वास को लेकर अपनी बात रखी।
प्रधानमंत्री मोदी के इस संदेश, उसकी गहराई और इस ऐतिहासिक पड़ाव पर मिले वैश्विक संदेशों की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मूल संदेश: ‘जनसेवा ही कसौटी’
इस ऐतिहासिक उपलब्धि को अपनी व्यक्तिगत जीत के बजाय जनता के प्रति समर्पण बताते हुए प्रधानमंत्री ने लिखा:
“जनसेवा ही सुशासन की सबसे बड़ी कसौटी है। विनम्रता, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के साथ निरंतर कार्य करने वाला व्यक्ति ही जनविश्वास अर्जित करता है।”
इससे पहले सरकार के प्रमुख के रूप में लंबे सफर पर उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि राष्ट्र निर्माण के लिए अटूट समर्पण और सेवाभाव ही उनकी सबसे अमूल्य पूंजी रही है। बीते वर्षों में ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना ने ही देश को एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत की ओर अग्रसर किया है।
संदेश में निहित ‘संस्कृति सुभाषितम्’ का अर्थ
अपने संदेश के साथ ही पीएम मोदी ने एक प्राचीन संस्कृत श्लोक (सुभाषितम्) भी साझा किया, जिसने उनके इस संदेश के दार्शनिक पहलू को उजागर किया, “सदानुरक्तप्रकृतिः प्रजापालनतत्परः। विनीतात्मा हि नृपतिर्भूयसी श्रियमश्नुते।”
- जो जनप्रतिनिधि सेवा को ही अपना धर्म मानकर हमेशा जनहित के कार्यों में लगा रहता है और सुशासन के माध्यम से जनता की सुरक्षा व कल्याण को सुनिश्चित करता है; जो विनम्रता और संयम के साथ सिर्फ विकास को अपना लक्ष्य बनाकर समाज की उन्नति के लिए समर्पित रहता है, वास्तव में वही व्यक्ति अंत में अटूट जनविश्वास, समाज में यश और वास्तविक समृद्धि प्राप्त करता है।
वैश्विक मंच और दिग्गजों से मिलीं बधाइयाँ
इस ऐतिहासिक कीर्तिमान पर देश के भीतर ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जबरदस्त सराहना मिली है:
- अमेरिका की ओर से बधाई: भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर (Sergio Gor) ने बधाई देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, “यह ऐतिहासिक उपलब्धि दशकों की उनकी समर्पित सार्वजनिक सेवा और अद्वितीय नेतृत्व का एक बेहद सशक्त प्रमाण है।”
- वैश्विक दक्षिण (Global South) के नेताओं का आभार: श्रीलंका, पापुआ न्यू गिनी और त्रिनिदाद-टोबैगो जैसे देशों के राष्ट्रप्रमुखों ने भी बधाई पत्र और वीडियो संदेश भेजे। पापुआ न्यू गिनी के पीएम जेम्स मारापे ने इसे एक ‘चमत्कारी उपलब्धि’ बताया और कहा कि पीएम मोदी ने 20 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकालकर खुद को दुनिया के लिए एक रोल मॉडल के रूप में स्थापित किया है।
प्रधानमंत्री मोदी का यह संदेश साफ करता है कि वे कार्यकाल के दिनों की संख्या के रिकॉर्ड से कहीं ज्यादा महत्व इस बात को देते हैं कि सरकार ने सुशासन (Good Governance) के जरिए देश के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के जीवन को कितना बदला है।


