कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP ने अपने संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए नई टीम का एलान किया है। संगठन ने राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण किया है और नए प्रवक्ताओं के साथ विभिन्न जोन के लिए समन्वय समितियां बनाई हैं। सबसे अहम बदलाव राष्ट्रीय प्रवक्ताओं के पद पर हुआ है, जहां पहले सौरभ दास और आशुतोष रांका की जिम्मेदारी थी।
सीजेपी ने अब सुधीर सांगवान और सिद्धांत भारद्वाज को राष्ट्रीय प्रवक्ता नियुक्त किया है। सौरभ दास और आशुतोष रांका को राष्ट्रीय सह-संयोजक बनाए जाने के बाद प्रवक्ता के पदों को भरने के लिए यह बदलाव किया गया। संगठन के गठन के समय सौरभ दास, आशुतोष रांका और विजेता दहिया प्रवक्ताओं की टीम का हिस्सा थे। बाद में विजेता दहिया को जुलाई में संगठन से बाहर किए जाने के बाद प्रवक्ता पदों में दोबारा बदलाव की जरूरत पड़ी।
संगठन महासचिवों की नई टीम
सीजेपी ने संगठन विस्तार के तहत पांच नए संगठन महासचिवों को भी शामिल किया है। नई सूची में रेखा शर्मा, अक्षय शिंदे, प्रेम आकाश, अनाम उज्जमा और बालाकृष्ण शुक्ला को जिम्मेदारी दी गई है। इस कदम को संगठन की राष्ट्रीय स्तर पर सक्रियता बढ़ाने और जमीनी ढांचे को मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
तीन जोन के लिए अलग समितियां
सीजेपी ने नॉर्थ, वेस्ट और ईस्ट जोन में विशेष समन्वय समितियों का भी एलान किया है। नॉर्थ जोन समिति में 17 सदस्य, वेस्ट जोन में 11 सदस्य और ईस्ट जोन में 16 सदस्य शामिल किए गए हैं। इन समितियों के जरिए अलग-अलग क्षेत्रों में संगठन की गतिविधियों और अभियानों को समन्वित करने की योजना है।
नई नियुक्तियों में आदेश प्रधान गुर्जर, आजाद मोहित, मोहम्मद फरहान खान, पूजा सैनी, अर्शदीप सिंह कोचर और डॉ. विवेक सांगवान जैसे नाम नॉर्थ जोन में शामिल हैं। वेस्ट जोन में डॉ. नितिन दिघे, अधिवक्ता जयसिंह शेरे, नीलाक्षी वानखेड़े और रोहित पटेल को जगह मिली है। ईस्ट जोन की टीम में शेख मारूफ उद्दीन, देदीप्य गांगुली, स्वप्निल मिश्रा, खुशबू वहाब चौधरी, रसिका खरे और अन्य सदस्य शामिल किए गए हैं।
अगला बड़ा मार्च 5 सितंबर को
संगठन ने अपनी आगामी गतिविधियों का भी संकेत दिया है। CJP के अनुसार, 5 सितंबर को दिल्ली में इंडिया गेट से दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक मार्च निकाला जाएगा। संगठन ने कहा है कि NEET परीक्षा से जुड़े मामलों में जान गंवाने वाले लोगों के परिवार और 20 जुलाई के ‘संसद चलाओ’ मार्च के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई से प्रभावित लोग इस मार्च का नेतृत्व करेंगे।
यह फेरबदल दिखाता है कि CJP अपने आंदोलन को अधिक संगठित ढांचे के साथ आगे बढ़ाने की तैयारी में है। नए प्रवक्ता, राष्ट्रीय सह-संयोजक और क्षेत्रीय समितियों के जरिए संगठन सार्वजनिक अभियानों और राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर अपनी मौजूदगी मजबूत करना चाहता है।


