अयोध्या के बहुचर्चित राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस और जांच एजेंसियों की कार्रवाई अब बेहद तेज हो गई है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में सोमवार को पुलिस ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय से करीब तीन घंटे तक कड़ी पूछताछ की और उनका बयान दर्ज किया।
पूछताछ के दौरान प्रशासनिक निर्णयों, चढ़ावे के प्रबंधन, कर्मचारियों की जवाबदेही और शिकायतों के निस्तारण को लेकर कई तीखे सवाल पूछे गए, जिनमें से सूत्रों के मुताबिक चंपत राय कई सवालों के स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए।
चंपत राय का बयान: ‘चोरी में मेरा कोई हाथ नहीं’
पूछताछ के दौरान चंपत राय ने खुद को पूरी तरह बेकसूर बताते हुए कहा कि चढ़ावा चोरी में उनकी कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने पुलिस से कहा कि जैसे ही उन्हें इस हेरफेर की भनक लगी, वह तुरंत सक्रिय हो गए, संदिग्धों को पकड़वाया और मामले की एफआईआर भी दर्ज कराई। हालांकि, उन्होंने यह जरूर स्वीकार किया कि मंदिर में कोई वित्तीय गड़बड़ी न हो, इसकी मुख्य जिम्मेदारी उनकी ही थी। मुख्य आरोपी टिन्नू यादव को लेकर उन्होंने कहा कि उन्हें बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी कि टिन्नू ऐसा गलत काम करेगा।
जांच के दायरे में बैंक और सुरक्षा अधिकारी
पुलिस ने इस मामले में केवल ट्रस्ट के पदाधिकारियों तक ही जांच सीमित नहीं रखी है, बल्कि इसका दायरा अन्य संबंधित विभागों तक बढ़ा दिया है:
- SBI मैनेजर से पूछताछ: पुलिस की टीम भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की अयोध्या धाम शाखा पहुंची। वहां बैंक मैनेजर और पांच अन्य कर्मियों से करीब दो घंटे तक पूछताछ की गई और मंदिर के खातों से जुड़े पांच साल के स्टेटमेंट व आरोपियों के बैंक डिटेल्स मांगे गए हैं। Amar Ujala
- रेडियो ऑपरेशन अधिकारी हटाए गए: मंदिर के काउंटिंग रूम और पूरे परिसर में लगे करीब 1,600 सीसीटीवी कैमरों की निगरानी करने वाले रेडियो ऑपरेशन अधिकारी (आरएमओ) अर्जुन देव को उनके पद से हटाकर गोरखपुर ट्रांसफर कर दिया गया है। Amar Ujala
- कर्मचारियों की नियुक्ति पर सवाल: पुलिस अब मंदिर में कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया और उनके कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की भी गहनता से जांच कर रही है। Amar Ujala
70 लोगों को नोटिस, वकीलों का बड़ा फैसला
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने ट्रस्ट के पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा और पदाधिकारी गोपाल राव समेत करीब 70 लोगों को पूछताछ के लिए नोटिस भेजा है। साथ ही, 140 गवाहों के बयान दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। इस बीच, जेल में बंद मुख्य आरोपी टिन्नू यादव समेत सभी 8 आरोपियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेशी हुई, जहां उनकी न्यायिक हिरासत 14 दिनों के लिए बढ़ा दी गई।
बार एसोसिएशन का कड़ा रुख: फैजाबाद बार एसोसिएशन ने एक ऐतिहासिक और सख्त निर्णय लेते हुए घोषणा की है कि कोई भी वकील चढ़ावा चोरी के इन आरोपियों का केस नहीं लड़ेगा। यदि कोई वकील इस फैसले का उल्लंघन करता है, तो उस पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।


