पश्चिम एशिया में चल रहा तनाव एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। हाल ही में दोनों पक्षों के बीच हुए संघर्षविराम (Ceasefire) के पूरी तरह टूटने का खतरा मंडराने लगा है। अमेरिकी सेना द्वारा ईरान समर्थित ठिकानों पर की गई भीषण बमबारी और इसके बाद कुवैत पर हुए मिसाइल हमले ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है।
अमेरिकी एयरस्ट्राइक और कुवैत पर हमला
- ईरानी ठिकानों पर बमबारी: अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (Pentagon) के निर्देश पर अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने सीरिया और इराक में मौजूद ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) और उनके सहयोगी गुटों के गुप्त ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं। अमेरिका का दावा है कि ये हमले पिछले दिनों अमेरिकी सैनिकों पर हुए ड्रोन हमलों के जवाब में किए गए हैं।
- कुवैत पर मिसाइल हमला: इसी तनाव के बीच कुवैत की सीमा के भीतर भी मिसाइलें आकर गिरी हैं। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, यह हमला ईरान समर्थित मिलिशिया द्वारा अमेरिकी सैन्य ठिकानों या सहयोगियों को निशाना बनाकर किया गया हो सकता है। कुवैत सरकार ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है और देश में सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया है।
- संघर्षविराम पर संकट: कुछ समय पहले ही अंतरराष्ट्रीय प्रयासों के बाद जो युद्धविराम समझौता लागू होने की उम्मीद जगी थी, वह अब पूरी तरह खटाई में पड़ती नजर आ रही है।
वैश्विक और क्षेत्रीय प्रभाव
इस ताजा सैन्य कार्रवाई के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी उथल-पुथल शुरू हो गई है:
| क्षेत्र/क्षेत्रफल | तत्काल प्रभाव |
| खाड़ी देश (Gulf Countries) | कुवैत, कतर और यूएई सहित सभी पड़ोसी देशों ने अपनी हवाई सुरक्षा प्रणालियों (Air Defense) को हाई अलर्ट पर रख दिया है। |
| वैश्विक तेल बाजार | ओमान की खाड़ी और स्ट्रेट ऑफ हार्मोनुज (Strait of Hormuz) में तनाव बढ़ने की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अचानक भारी उछाल आने की आशंका है। |
| राजनयिक प्रयास | संयुक्त राष्ट्र (UN) और यूरोपीय संघ ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है, लेकिन जमीनी हालात बिगड़ते जा रहे हैं। |
आगे की स्थिति: रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान ने कुवैत और अमेरिकी ठिकानों पर हुए इन हमलों का सीधा और बड़ा जवाब दिया, तो यह संघर्ष पूरी तरह से एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध (Regional War) का रूप ले सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया है कि अमेरिकी हितों और उसके सहयोगियों पर होने वाले किसी भी हमले को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


