झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली, डिजिटल नकल और पेपर लीक के आरोपों के बीच हेमंत सोरेन सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। छात्रों के 24 दिनों तक चले उग्र विरोध प्रदर्शन के बाद राज्य सरकार ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) और झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा आयोजित कई परीक्षाओं को रद्द कर दिया है।
प्रमुख फैसले और कार्रवाई
- JSSC-CGL परीक्षा रद्द: भारी विरोध के बीच राज्य सरकार ने JSSC-CGL (संयुक्त स्नातक स्तरीय) परीक्षा को पूरी तरह से निरस्त करने का निर्णय लिया है।
- एजेंसी ‘TDPL’ पर गाज: आउटसोर्सिंग एजेंसी ‘टेक्नोब्रेन डिजिटल प्राइवेट लिमिटेड’ (TDPL) द्वारा आयोजित कराई गई सभी भर्ती परीक्षाओं, घोषित परिणामों और चयनित अभ्यर्थियों की सूचियों को रद्द कर दिया गया है।
- 2014 के बाद की 17 परीक्षाओं की CID जांच: वर्ष 2014 के बाद से हुई लगभग 17 प्रमुख भर्ती परीक्षाओं में धांधली की आशंका को देखते हुए सरकार ने CID जांच के आदेश दिए हैं।
- 44 परीक्षाओं पर असर: राज्य सरकार द्वारा जारी आठ अलग-अलग अधिसूचनाओं के तहत कुल 44 भर्ती परीक्षाओं को रद्द या प्रभावित घोषित किया गया है। इनमें असिस्टेंट प्रोफेसर, सिविल जज, ड्रग इंस्पेक्टर, डिप्टी कलेक्टर, डेंटल सर्जन और फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर जैसी अहम नियुक्तियां शामिल हैं।
प्रभावित पदों का विवरण
| आयोग / संस्था | प्रभावित परीक्षाएं व पद | प्रमुख पद/भर्तियां |
|---|---|---|
| JSSC | 6,200+ पद (CGL, PGT आदि) | प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, कनिष्ठ सचिवालय सहायक, PGT शिक्षक |
| JPSC | 698+ पद | सिविल जज, असिस्टेंट प्रोफेसर, डिप्टी कलेक्टर, असिस्टेंट इंजीनियर |
| TDPL एजेंसी | ~15 परीक्षाएं | एजेंसी के तहत संचालित JSSC और JPSC की तमाम परीक्षाएं |
चयनित अभ्यर्थियों का विरोध
परीक्षा रद्द किए जाने के इस फैसले से JSSC CGL के जरिए नियुक्त हो चुके लगभग 2,000 अभ्यर्थियों के भविष्य पर अचानक संकट खड़ा हो गया है। इन अभ्यर्थियों में से कई अन्य सरकारी नौकरियां छोड़कर इस सेवा में आए थे। प्रभावित कर्मचारियों और अभ्यर्थियों ने बिना दोष सिद्ध हुए एकतरफा कार्रवाई के खिलाफ राज्य सचिवालय (प्रोजेक्ट भवन) के बाहर जोरदार प्रदर्शन कर निष्पक्ष जांच की मांग की है।


