पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने पूरे देश को चौंका दिया है। सबसे बड़ा उलटफेर कोलकाता की हाई-प्रोफाइल भवानीपुर सीट पर हुआ है, जहाँ भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी को 15,105 वोटों के अंतर से करारी शिकस्त दी है।
भवानीपुर का चुनावी रोमांच
ममता बनर्जी के गढ़ माने जाने वाले भवानीपुर में सुबह से ही कांटे की टक्कर देखने को मिली। शुरुआती रुझानों में ममता बनर्जी ने बढ़त बनाई थी और एक समय वह करीब 12,000 वोटों से आगे चल रही थीं। हालांकि, जैसे-जैसे मतगणना अंतिम चरणों में पहुंची, समीकरण पूरी तरह बदल गए। 15वें राउंड के बाद शुभेंदु अधिकारी ने बढ़त बनानी शुरू की और अंततः अपनी पूर्व नेता को उनके ही घर में मात दे दी।
मुख्य आंकड़े:
- शुभेंदु अधिकारी (BJP): 73,917 वोट
- ममता बनर्जी (TMC): 58,812 वोट
- जीत का अंतर: 15,105 वोट
नंदीग्राम की पुनरावृत्ति
यह परिणाम 2021 के नंदीग्राम चुनाव की याद दिलाता है, जहाँ शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को बेहद कड़े मुकाबले में हराया था। हालांकि, तब ममता बनर्जी बाद में उपचुनाव जीतकर विधानसभा पहुंची थीं, लेकिन इस बार अपने ‘सेफ पैसेज’ भवानीपुर में उनकी हार TMC के लिए एक बड़ा मनोवैज्ञानिक झटका मानी जा रही है।
हार के पीछे के संभावित कारण
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस उलटफेर के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण रहे:
- महिला सुरक्षा का मुद्दा: आरजी कर मेडिकल कॉलेज की घटना ने राज्य में महिला सुरक्षा को लेकर सरकार की छवि को नुकसान पहुँचाया।
- सत्ता विरोधी लहर: 15 वर्षों के शासन के बाद जनता में बदलाव की इच्छा साफ देखी गई।
- जनांकिकीय बदलाव: भवानीपुर के शहरी मतदाताओं और विभिन्न समुदायों के झुकाव ने भाजपा के पक्ष में काम किया।
बंगाल की नई राजनीतिक दिशा
इस जीत के साथ ही पश्चिम बंगाल में भाजपा ऐतिहासिक बहुमत की ओर बढ़ रही है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भाजपा 180 से अधिक सीटों पर जीत दर्ज कर रही है, जो राज्य में पहली बार भाजपा की सरकार बनने का मार्ग प्रशस्त करेगा। ममता बनर्जी ने परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि चुनाव आयोग और भाजपा ने मिलकर जनादेश को प्रभावित किया है, लेकिन चुनावी आंकड़े फिलहाल बंगाल में एक बड़े सत्ता परिवर्तन की गवाही दे रहे हैं।


