सदी के महानायक अमिताभ बच्चन 83 वर्ष की आयु में भी अपनी कार्यकुशलता और ऊर्जा से नई पीढ़ी को प्रेरित कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने अपने काम के प्रति समर्पण और नींद के साथ अपने संघर्ष को लेकर कुछ चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। अमिताभ बच्चन ने साझा किया कि इस उम्र में भी उनके लिए 7 घंटे की नींद पूरी करना बेहद मुश्किल हो गया है।
- काम की प्राथमिकता: उनके अनुसार, उनके पास काम इतना ज्यादा है कि वे सोने के बजाय उसे पूरा करने को प्राथमिकता देते हैं।
- अनुशासन: वे देर रात तक काम करने और सुबह जल्दी उठने के अपने कड़े अनुशासन का पालन आज भी उतनी ही शिद्दत से कर रहे हैं।
- नींद को मात: बिग बी ने बताया कि कई बार काम के दबाव और जुनून के कारण वे अपनी नींद को मात दे देते हैं।
83 की उम्र में भी सक्रियता
अमिताभ बच्चन की सक्रियता केवल फिल्मों तक सीमित नहीं है, बल्कि वे विज्ञापन, सोशल मीडिया और अपने ब्लॉग के जरिए भी प्रशंसकों से जुड़े रहते हैं।
- व्यावसायिक प्रतिबद्धता: वे वर्तमान में कई बड़े प्रोजेक्ट्स का हिस्सा हैं, जिनके लिए उन्हें लंबी शिफ्टों में काम करना पड़ता है।
- थकान पर भारी जुनून: उम्र के इस पड़ाव पर जहाँ लोग आराम करना पसंद करते हैं, बच्चन साहब का कहना है कि “काम ज्यादा जरूरी है”।
- स्वास्थ्य और ऊर्जा: उनकी इस अथक मेहनत को देखकर उनके सह-कलाकार और प्रशंसक भी हैरान रह जाते हैं।
प्रशंसकों के लिए संदेश
अपने ब्लॉग के माध्यम से उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की है कि यदि मन में किसी काम के प्रति सच्चा जुनून हो, तो शारीरिक बाधाएं और उम्र के आंकड़े मायने नहीं रखते। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि हालांकि शरीर को आराम की जरूरत होती है, लेकिन मानसिक संतुष्टि उन्हें काम पूरा करने के बाद ही मिलती है।
अमिताभ बच्चन के शब्द: “7 घंटे की नींद लेना भी अब दुश्वार लगता है, क्योंकि अधूरा काम आंखों के सामने घूमता रहता है”।


