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    भगत सिंह बेवकूफ और बेकार बच्चे थे, आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही के बिगड़े बोल

    स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जालौन जिले के उरई कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित सरकारी कार्यक्रम के दौरान यूपी कैडर के आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही के एक बयान ने विवाद खड़ा कर दिया है। उरई में एसडीएम (न्यायिक) के पद पर तैनात आईएएस रिंकू सिंह राही का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वे शहीद-ए-आजम भगत सिंह को लेकर आपत्तिजनक बातें कहते नजर आ रहे हैं।

    संबोधन के दौरान दिए गए विवादित बयान

    15 अगस्त के मौके पर जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में रिंकू सिंह राही मंच से भाषण दे रहे थे। वायरल वीडियो के मुताबिक, आजादी की लड़ाई का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा:

    • ‘भगत सिंह बेवकूफ थे’: उन्होंने कहा कि अगर आज के समय और पारिवारिक दृष्टिकोण से तुलना की जाए तो शहीद भगत सिंह “सबसे बेवकूफ और बेकार बच्चे थे”।
    • पारिवारिक बागवत का जिक्र: उन्होंने कहा कि भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद जैसे क्रांतिकारी अपने परिवारों के हिसाब से बागी थे, जो अपने घर-परिवार, पत्नी और बच्चों की परवाह किए बिना देश के लिए निकल पड़े थे।
    • प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल: उन्होंने ब्रिटिश शासन काल में किसानों के शोषण का उदाहरण देते हुए कहा कि शोषण सिर्फ अंग्रेज अधिकारियों ने नहीं किया, बल्कि हमारे देश के पटवारियों और निचले कर्मचारियों की भी उसमें भूमिका थी।

    जनता और सोशल मीडिया पर नाराजगी

    देश की आजादी के महान नायक और शहीद-ए-आजम भगत सिंह पर एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी द्वारा की गई इस टिप्पणी से लोगों में गहरा आक्रोश है। स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर सरकारी मंच से शहीद के अपमान को लेकर सोशल मीडिया पर आईएएस अधिकारी की कड़ी आलोचना हो रही है। कई लोगों का कहना है कि क्रांति और राष्ट्रभक्ति के जज्बे की तुलना व्यक्तिगत या पारिवारिक मापदंडों से करना देश के शहीदों का अपमान है।

    चर्चाओं में रहते हैं आईएएस रिंकू सिंह राही

    2021 बैच के आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही इससे पहले भी अपने बेबाक बयानों, अनूठे विरोध प्रदर्शनों और विवादों के कारण सुर्खियों में रहे हैं। हाल ही में उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी सुरक्षा को खतरा बताते हुए पोस्ट की थी। इसके अलावा, उरई नगर पालिका में औचक निरीक्षण के दौरान अधिकारियों से तीखी बहस और वकीलों के साथ कार्यशैली को लेकर हुए विवाद के कारण भी वे चर्चा में रहे हैं।

    ​फिलहाल, वायरल वीडियो पर जिला प्रशासन या शासन स्तर से किसी औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई या आधिकारिक बयान की प्रतीक्षा की जा रही है।

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