भगवान श्री राम की पावन नगरी अयोध्या से एक बेहद हैरान और आक्रोशित करने वाला मामला सामने आया है। यहां मोक्षदायिनी मानी जाने वाली पवित्र सरयू नदी की धारा में एक नाव पर कुछ युवकों द्वारा बीयर और मटन (मांस-मदिरा) की पार्टी करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। धार्मिक नगरी की मर्यादा और पवित्रता को तार-तार करने वाले इस वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय संतों, श्रद्धालुओं और आम जनता में भारी गुस्सा है। लोग आरोपियों के खिलाफ तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
क्या है वायरल वीडियो में?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में देखा जा सकता है कि सरयू नदी के बीचों-बीच तैरती एक नाव पर कुछ युवक सवार हैं। नाव के बीच में एक मेज सजी हुई है, जिस पर मांस (मटन) के बर्तन और बीयर के कैन व बोतलें साफ नजर आ रही हैं। युवक बिना किसी डर या संकोच के पवित्र नदी के ऊपर इस पार्टी का आनंद लेते और वीडियो बनवाते दिख रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह वीडियो अयोध्या के ही किसी प्रमुख घाट के पास का है, जिसे खुद इन युवकों या उनके किसी साथी ने मनोरंजन के लिए रिकॉर्ड किया और बाद में इसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया।
संतों और श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश
अयोध्या को हिंदू धर्म में बेहद पवित्र और सनातन संस्कृति का केंद्र माना जाता है, जहां मांस और मदिरा का सेवन पूरी तरह वर्जित माना जाता है। सरयू नदी को मां का दर्जा प्राप्त है, जहां देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाते हैं। ऐसे पवित्र स्थान पर इस तरह की अमर्यादित हरकत पर अयोध्या के प्रमुख संतों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। संतों का कहना है कि यह केवल एक कानून का उल्लंघन नहीं है, बल्कि यह करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं पर सीधा आघात है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे उपद्रवी तत्वों को चिन्हित कर जेल भेजा जाए ताकि भविष्य में कोई भी अयोध्या की पावन भूमि पर ऐसा दुस्साहस न कर सके।
पुलिस और प्रशासन ने शुरू की जांच
वीडियो के वायरल होने और सोशल मीडिया पर लोगों के बढ़ते गुस्से को देखते हुए अयोध्या पुलिस और स्थानीय प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आ गया है। पुलिस ने वीडियो का संज्ञान लेते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।
अयोध्या पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि वीडियो में दिख रहे युवकों की पहचान करने के लिए साइबर सेल की मदद ली जा रही है। साथ ही उस नाविक का भी पता लगाया जा रहा है जिसने इन युवकों को अपनी नाव पर यह सब करने की अनुमति दी। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि पहचान स्थापित होते ही दोषियों के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और पवित्र क्षेत्र के नियमों का उल्लंघन करने की सुसंगत धाराओं के तहत कठोरतम विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।


