एशियन गेम्स 2026 में भारत एक बार फिर क्रिकेट के दोनों वर्गों में अपना स्वर्ण पदक बचाने उतरेगा। 2023 के हांगझोउ एशियन गेम्स में भारतीय पुरुष और महिला दोनों टीमों ने गोल्ड जीता था। लेकिन चार साल बाद जापान के आइची-नागोया में होने वाले खेलों में टीम इंडिया की तस्वीर काफी बदली हुई है। खासकर पुरुष टीम में बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जबकि महिला टीम की मुख्य रीढ़ काफी हद तक बरकरार है।
पुरुष टीम में 15 में सिर्फ पांच पुराने चेहरे
2023 में पुरुष टीम की कप्तानी ऋतुराज गायकवाड़ ने की थी, लेकिन इस बार कमान श्रेयस अय्यर के हाथों में है। 2023 की 15 सदस्यीय टीम में से केवल तिलक वर्मा, शिवम दुबे, वॉशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई और अर्शदीप सिंह ही 2026 के स्क्वॉड में जगह बनाए रख सके हैं। यानी 10 खिलाड़ी बदल गए हैं। नई टीम में अनुभव और युवा प्रतिभा का दिलचस्प मिश्रण है। श्रेयस अय्यर के साथ वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा चेहरे हैं, जबकि जसप्रीत बुमराह और वरुण चक्रवर्ती जैसे अनुभवी गेंदबाज टीम को मजबूती देते हैं। अभिषेक शर्मा, अक्षर पटेल और नीतीश कुमार रेड्डी जैसे ऑलराउंडर भारत को अतिरिक्त विकल्प देते हैं। सबसे बड़ा फर्क गेंदबाजी में नजर आता है। 2023 की टीम की तुलना में इस बार बुमराह की मौजूदगी भारतीय आक्रमण को अलग स्तर का अनुभव देती है। उनके साथ अर्शदीप, हर्षित राणा, वरुण और बिश्नोई का संयोजन विविधता बढ़ाता है।
2023 में ऐसे जीता था पुरुष टीम ने गोल्ड
2023 में भारत ने क्वार्टर फाइनल में नेपाल को 23 रन से हराया था। इसके बाद सेमीफाइनल में बांग्लादेश को नौ विकेट से शिकस्त देकर फाइनल में जगह बनाई और स्वर्ण पदक जीता। इस बार भी लक्ष्य वही है, लेकिन टीम का स्वरूप काफी बदल चुका है।
भारत इस बार पुरुष प्रतियोगिता में सीधे क्वार्टर फाइनल चरण से अभियान शुरू करेगा।
महिला टीम में ज्यादा निरंतरता
महिला टीम पुरुषों की तुलना में अधिक स्थिर दिखाई देती है। 2023 की 15 सदस्यीय टीम में से स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, हरमनप्रीत कौर, दीप्ति शर्मा और ऋचा घोष 2026 में भी मौजूद हैं। यानी छह खिलाड़ी पुराने स्क्वॉड से बरकरार हैं।
सबसे अहम बात यह है कि टीम की बल्लेबाजी की मुख्य धुरी नहीं बदली है। स्मृति, शेफाली और जेमिमा के साथ कप्तान हरमनप्रीत का अनुभव भारत को मजबूती देता है। दीप्ति शर्मा ऑलराउंड विकल्प के रूप में अहम होंगी।
गेंदबाजी में रेणुका सिंह ठाकुर, राधा यादव, श्री चरणी और क्रांति गौड़ जैसे विकल्प टीम में शामिल हैं। वहीं गुनालन कमलिनी विकेटकीपिंग विभाग में नया चेहरा हैं।
पुरुष बनाम महिला टीम: किसमें ज्यादा बदलाव?
आंकड़ों पर नजर डालें तो पुरुष टीम में 2023 से 2026 के बीच बदलाव ज्यादा बड़ा है। पुरुषों की 15 सदस्यीय टीम में केवल पांच खिलाड़ी पुराने हैं, जबकि महिलाओं में 15 में से छह खिलाड़ी बरकरार हैं। पुरुष टीम में कप्तान भी बदला है, जबकि महिला टीम की कमान अब भी हरमनप्रीत कौर के पास है।
यानी भारत इस बार पुराने खिलाड़ियों की सफलता पर निर्भर रहने के बजाय नए संयोजन के साथ मैदान में उतरेगा। पुरुष टीम में युवा ऊर्जा और तेज गेंदबाजी की ताकत प्रमुख हथियार होगी, जबकि महिला टीम की सबसे बड़ी ताकत उसकी निरंतरता और अनुभवी कोर है।
दोनों टीमों के सामने चुनौती साफ है—2023 का गोल्ड सिर्फ बचाना नहीं, बल्कि बदली हुई टीम के साथ फिर से एशियन गेम्स में भारतीय क्रिकेट का दबदबा कायम करना है।


