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    अग्नि-6 मिसाइल करेगी 12000 KM तक मार, पाकिस्तान की रातों की नींद उड़ी

    भारत की अत्याधुनिक मिसाइल तकनीकों और बढ़ते रक्षा कदमों ने पड़ोसी देश पाकिस्तान की रातों की नींद उड़ा दी है। हाल ही में पाकिस्तान सरकार की पैरवी करने वाले प्रमुख थिंक टैंक CISS (Center for International Strategic Studies) ने एक लेख प्रकाशित कर भारत के संभावित अग्नि-6 (Agni-VI) मिसाइल कार्यक्रम को लेकर गंभीर चिंताएं और सवाल खड़े किए हैं। इस घबराहट की सबसे बड़ी वजह रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का एक रहस्यमयी और सांकेतिक बयान बना है।

    राजनाथ सिंह की ‘मुस्कान’ और पाकिस्तान में हड़कंप

    पाकिस्तानी थिंक टैंक CISS के अनुसार, हाल ही में जब एक रिपोर्टर ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से अग्नि-6 मिसाइल के परीक्षण को लेकर सवाल पूछा, तो उन्होंने किसी तरह की पुष्टि या इनकार करने के बजाय एक रहस्यमयी मुस्कान बिखेरी। राजनाथ सिंह ने बेहद संक्षिप्त और क्रिप्टिक जवाब देते हुए कहा, “धैर्य रखें, सबकुछ अच्छे से हो जाएगा।”

    रक्षा मंत्री के इस अस्पष्ट और सस्पेंस से भरे जवाब ने पाकिस्तान के सैन्य गलियारों में घबराहट पैदा कर दी है। पाकिस्तानी थिंक टैंक का मानना है कि राजनाथ सिंह की यह चुप्पी और मुस्कान इस बात का पुख्ता संकेत है कि भारत का अग्नि-6 प्रोजेक्ट न सिर्फ सक्रिय है, बल्कि इस पर चुपचाप बेहद तेजी से काम आगे बढ़ रहा है।

    अग्नि-6 मिसाइल: क्यों कांप रहा है पाकिस्तान?

    पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों और थिंक टैंक ने अग्नि-6 की ताकत को भांपते हुए इसके अस्तित्व में होने के पीछे 3 मुख्य वजहें बताई हैं:

    1. 12,000 किमी की मारक क्षमता (ICBM): आधिकारिक तौर पर अभी इसका परीक्षण होना बाकी है, लेकिन माना जा रहा है कि यह 10,000 से 12,000 किलोमीटर की मारक क्षमता वाली इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) होगी। इस रेंज के साथ पूरा पाकिस्तान, चीन, यूरोप और अमेरिका का कुछ हिस्सा भी भारत के रणनीतिक दायरे में आ जाएगा।
    2. K-सीरीज और एडवांस प्रोपल्शन: पाकिस्तान का कहना है कि भारत ने अपनी अगली पीढ़ी की पनडुब्बी से लॉन्च होने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों (SLBM) और K-सीरीज मिसाइलों के लिए एडवांस्ड प्रोपल्शन व गाइडेंस सिस्टम का सफल परीक्षण कर लिया है। इसी तकनीक का इस्तेमाल जमीन से मार करने वाली अग्नि-6 में आसानी से किया जा सकता है।
    3. MIRV और MaRV तकनीक का महासंगम: अग्नि-6 मिसाइल एक साथ कई परमाणु हथियार (Multiple Independently Targetable Re-entry Vehicles) ले जाने में सक्षम होगी, जो अंतरिक्ष में जाकर अलग-अलग शहरों या सैन्य ठिकानों को एक साथ तबाह कर सकते हैं। इसके अलावा इसमें MaRV (Manoeuverable Re-entry Vehicle) तकनीक भी होगी, जिसका मतलब है कि यह हवा में जिग-जैग (zigzag) रास्ता बदल सकती है। इसके चलते दुनिया का कोई भी मॉडर्न एयर डिफेंस सिस्टम इसे इंटरसेप्ट नहीं कर पाएगा।

    पाकिस्तान का विलाप और भारत की वैश्विक धमक

    पाकिस्तान के पास वर्तमान में अधिकतम 2,750 किमी रेंज वाली ‘शाहीन-3’ मिसाइल है, जबकि भारत के पास पहले से ही पूरे चीन को कवर करने वाली अग्नि-5 (7,000 किमी तक प्रभावी) मौजूद है। ऐसे में पाकिस्तान का रोना यह है कि जब भारत के पास पहले से ही पाकिस्तान और चीन को टारगेट करने वाली मिसाइलें हैं, तो वह 12,000 किमी की मिसाइल क्यों बना रहा है?

    वास्तव में, DRDO के वैज्ञानिकों का रुख साफ रहा है कि भारत के पास ICBM बनाने की पूरी क्षमता मौजूद है, लेकिन इसकी रेंज तय करना एक राजनीतिक निर्णय होता है। अग्नि-6 मिसाइल भारत को वैश्विक महाशक्तियों (अमेरिका, रूस, चीन) के विशिष्ट क्लब में लाकर खड़ा कर देगी और भारत की ‘सेकंड-स्ट्राइक क्षमता’ को अभेद्य मजबूती देगी।

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