पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी भू-राजनीतिक तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) संकट के बीच देश में ईंधन की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। शनिवार को पेट्रोल और डीजल के दामों में हुई बढ़ोतरी के तुरंत बाद आम जनता को कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) का भी बड़ा झटका लगा है। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने दिल्ली-NCR में सीएनजी की कीमतों में 1 रुपये प्रति किलोग्राम का इजाफा कर दिया है।
10 दिनों में तीसरी बार बढ़े दाम
आम उपभोक्ताओं और कमर्शियल वाहन चालकों के लिए यह दोहरा झटका है, क्योंकि पिछले 10 दिनों के भीतर सीएनजी के दामों में की गई यह तीसरी बढ़ोतरी है।
- इससे पहले बीते 15 मई को सीएनजी 2 रुपये प्रति किलो और फिर 17 मई को 1 रुपये प्रति किलो महंगी हुई थी.
- इस ताजा बढ़ोतरी के बाद देश की राजधानी दिल्ली में सीएनजी की कीमतें पहली बार 80 रुपये के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर गई हैं.
दिल्ली-NCR में CNG की नई कीमतें (प्रति किलोग्राम)
शनिवार सुबह से लागू हुई नई दरों के बाद दिल्ली और उसके पड़ोसी शहरों में सीएनजी के खुदरा दाम इस प्रकार हैं:
- दिल्ली: ₹81.09
- नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद: ₹89.70
- गुरुग्राम: ₹86.12
वैश्विक ऊर्जा संकट और भारत पर असर
घरेलू बाजार में ईंधन की इस चौतरफा मार के पीछे अंतरराष्ट्रीय कारण जिम्मेदार हैं:
- क्रूड बास्केट में उछाल: मिडिल ईस्ट में मचे संकट से पहले जो कच्चा तेल 70-72 डॉलर प्रति बैरल था, वह अब 104 से 110 डॉलर के बीच बना हुआ है. भारत का अपना क्रूड बास्केट भी हाल के महीनों में औसतन 113 से 114 डॉलर प्रति बैरल तक महंगा हो चुका है.
- आयात पर निर्भरता: भारत अपनी जरूरत का लगभग 90% कच्चा तेल आयात करता है, जिसके कारण वैश्विक बाजार की मामूली हलचल का सीधा असर घरेलू कीमतों पर पड़ता है.
जनता पर मार और ट्रांसपोर्टरों का विरोध
पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की लगातार बढ़ती कीमतों का सीधा असर पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर पड़ेगा, जिससे आने वाले दिनों में ऑटो, कैब और टैक्सियों का किराया बढ़ना तय है। इस बेतहाशा बढ़ोतरी के खिलाफ ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस और चालक शक्ति यूनियन जैसे संगठनों ने विरोध तेज कर दिया है और सरकार से बढ़े हुए दाम तुरंत वापस लेने की मांग की है.


