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    हौसले की जीत: स्मृति मंधाना का दिल टूटा, निजी जीवन में उथल-पुथल के बीच RCB को जिताया WPL

    स्मृति मंधाना के लिए साल 2026 भावनाओं के चरम का साल रहा है। एक तरफ जहां उनके निजी जीवन में उथल-पुथल मची थी, वहीं दूसरी तरफ उन्होंने क्रिकेट के मैदान पर अपनी कप्तानी और बल्लेबाजी से वह कर दिखाया, जिसका सपना हर खिलाड़ी देखता है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) को WPL 2026 का खिताब जिताकर स्मृति ने साबित कर दिया कि एक ‘एग्जाम वॉरियर’ केवल पढ़ाई में नहीं, बल्कि जीवन की हर परीक्षा में विजेता बनकर उभर सकता है।

    निजी चुनौतियां और ‘टूटा दिल’

    टूर्नामेंट शुरू होने से कुछ समय पहले ही स्मृति मंधाना की निजी जिंदगी सुर्खियों में थी। संगीतकार पलाश मुच्छल के साथ उनकी शादी की चर्चाएं जोरों पर थीं, लेकिन अचानक सगाई/शादी के टूटने और अलगाव की खबरों ने उनके प्रशंसकों को चौंका दिया। दिसंबर 2025 में स्मृति ने खुद एक सार्वजनिक कार्यक्रम में इस कठिन समय का जिक्र किया था। उन्होंने स्वीकार किया था कि उनका दिल टूटा है, लेकिन उन्होंने क्रिकेट को अपना सहारा बनाया। उन्होंने कहा था, “जब जीवन में सब कुछ बिखर रहा हो, तो बल्ला ही वह एकमात्र चीज है जो मुझे आत्मविश्वास देता है।”

    WPL 2026 फाइनल: स्मृति का ‘विजयी’ प्रहार

    5 फरवरी 2026 को वडोदरा के कोटाम्बी स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में स्मृति मंधाना ने वह पारी खेली जिसे सालों तक याद रखा जाएगा। दिल्ली कैपिटल्स (DC) ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 203 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था। WPL के इतिहास में इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करना नामुमकिन लग रहा था, लेकिन मंधाना कुछ और ही ठान कर आई थीं।

    • तूफानी पारी: मंधाना ने केवल 41 गेंदों पर 87 रन बनाए, जिसमें 12 चौके और 3 छक्के शामिल थे।
    • ऐतिहासिक साझेदारी: उन्होंने जॉर्जिया वॉल (79 रन) के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 165 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी की।
    • दूसरा खिताब: आरसीबी ने 6 विकेट से जीत दर्ज की और मंधाना की कप्तानी में दूसरी बार WPL ट्रॉफी अपने नाम की।

    मैच के बाद साथी खिलाड़ी श्रेयांका पाटिल ने इस जीत को स्मृति को समर्पित करते हुए कहा, “स्मृति ने पिछले कुछ महीनों में निजी तौर पर बहुत कुछ सहा है। यह जीत उनके उसी अटूट हौसले का परिणाम है।” स्मृति मंधाना की यह कहानी केवल एक खेल की जीत नहीं है, बल्कि यह उन सभी के लिए प्रेरणा है जो कठिन दौर से गुजर रहे हैं। उन्होंने दिखाया कि जब रास्ते कठिन हों, तो अपनी मेहनत और जुनून को अपनी सबसे बड़ी ताकत बना लेना चाहिए।

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