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    CJP का प्रदर्शन फ्लॉप शो, राहुल गांधी ‘नालायक नेता’, संबित पात्रा बोले-राष्ट्रपति को वोट चोरी के सबूत क्यों नहीं दिए?

    दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के विरोध में बुलाए गए प्रदर्शन के बीच भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्षी दलों पर निशाना साधा है। भाजपा सांसद संबित पात्रा ने प्रदर्शन को फ्लॉप शो बताते हुए विपक्ष के आरोपों पर सवाल उठाए।

    संबित पात्रा ने राहुल गांधी से पूछे सवाल

    भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के जरिए दिल्ली को बंधक बनाने की कोशिश की गई, लेकिन प्रदर्शनकारी इसमें सफल नहीं हुए। उन्होंने आंदोलन को अराजकता फैलाने वाला बताते हुए दावा किया कि सोशल मीडिया पर दिखाई जा रही तस्वीरें देश की वास्तविक स्थिति को नहीं दर्शाती हैं। भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी को ‘नालायक नेता’ बताते हुए उनके वोट चोरी के आरोपों पर सवाल उठाए।

    पात्रा ने राहुल गांधी के वोट चोरी के आरोपों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि यदि विपक्ष के पास चुनाव में गड़बड़ी के ठोस सबूत हैं, तो उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के सामने क्यों नहीं पेश किया गया। भाजपा का कहना है कि विपक्ष चुनावी हार के बाद निर्वाचन प्रक्रिया पर सवाल उठाकर जनता को गुमराह कर रहा है। हालांकि, विपक्ष ने इन आरोपों को खारिज करते हुए चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की है।

    राष्ट्रपति से मिले थे विपक्षी नेता

    इससे पहले इंडिया गठबंधन के नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। विपक्ष ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।

    राहुल गांधी ने मुलाकात के बाद दावा किया था कि राष्ट्रपति ने विपक्ष की बातों को सुनते हुए कथित वोट चोरी के सबूत मांगे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी कहा था कि विपक्ष आरोपों से संबंधित साक्ष्य जुटा रहा है। विपक्षी दलों ने मतपत्रों से चुनाव कराने की मांग भी उठाई है। दूसरी ओर, भाजपा और चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों को खारिज किया है।

    दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम

    10 अक्टूबर को प्रस्तावित CJP प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई। पुलिस ने कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की और प्रदर्शनकारियों की आवाजाही रोकने के लिए व्यापक इंतजाम किए। CJP संस्थापक अभिजीत दीपके और संगठन के अन्य नेताओं को दिल्ली पहुंचने पर हिरासत में लिए जाने की भी खबर सामने आई।

    प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और मतदाता सूची के पुनरीक्षण में कथित गड़बड़ियां हैं। संगठन ने कार्रवाई का विरोध किया, जबकि प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कदम उठाए।

    इस पूरे घटनाक्रम ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता, मतदाता सूची की विश्वसनीयता और विरोध प्रदर्शन के अधिकार को लेकर राजनीतिक बहस तेज कर दी है। जहां भाजपा विपक्ष के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बता रही है, वहीं विपक्ष चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग पर कायम है।

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