दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर शनिवार, 10 अक्टूबर को सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की तैयारी थी, लेकिन पुलिस ने अनुमति नहीं मिलने और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कई जगह बैरिकेडिंग की। इस दौरान कई नेताओं, कार्यकर्ताओं और प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे लोगों को हिरासत में लिया गया।
आकाशवाणी भवन के पास पथराव, दो जवान घायल
प्रदर्शन के दौरान नई दिल्ली में आकाशवाणी भवन के पास इम्तियाज अली मार्ग पर तनाव बढ़ गया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की। इसी दौरान पुलिसकर्मियों पर पथराव हुआ, जिसमें दो जवान घायल हो गए। घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी और मौके पर मौजूद कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर तक पहुंचने से रोकने के लिए राजधानी के विभिन्न इलाकों में सुरक्षा बल तैनात किए थे। कनॉट प्लेस सहित कई स्थानों पर लोगों को हिरासत में लेने और कुछ को वापस भेजने की खबरें सामने आईं।
तुषार गांधी भी हिरासत में लिए गए
महात्मा गांधी के पड़पोते तुषार गांधी को भी सीजेपी प्रदर्शन के समर्थन में आयोजित कार्यक्रम से पहले हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई। प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम में उनकी हिरासत ने भी ध्यान खींचा। आंदोलन से जुड़े लोगों का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के मुद्दे को उठाना था।
ध्रुव राठी को गुरुग्राम स्थित आवास से उठाया
यूट्यूबर ध्रुव राठी को दिल्ली पुलिस ने गुरुग्राम के सेक्टर-56 स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार सुबह करीब छह बजे अपराध शाखा की टीम उनके घर पहुंची। इसके बाद उन्हें पूछताछ के लिए ले जाया गया और करीब एक घंटे तक पूछताछ हुई। बाद में पुलिस की टीम उन्हें लेकर दिल्ली के लिए रवाना हुई।
ध्रुव राठी सीजेपी के प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे। सीजेपी ने उनकी और अन्य प्रदर्शनकारियों की हिरासत का विरोध करते हुए रिहाई की मांग की।
दिल्ली एयरपोर्ट पर सीजेपी के नेता हिरासत में
प्रदर्शन से पहले सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके और सह-संयोजक सौरव दास तथा आशुतोष रांका को भी दिल्ली एयरपोर्ट पर विमान से उतरने के बाद हिरासत में लिया गया। तीनों नेता मुंबई से दिल्ली पहुंचे थे। पार्टी के मुताबिक, वे जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने वाले थे।
राजधानी में प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस ने कई स्तरों पर सुरक्षा व्यवस्था की। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को निर्धारित स्थान तक पहुंचने से रोकने के लिए अलग-अलग इलाकों में कार्रवाई की।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग क्यों?
सीजेपी का प्रदर्शन मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़ी कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रस्तावित था। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची में नाम हटाए जाने को लेकर सवाल उठाए हैं। वहीं, चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची के सत्यापन को चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा बताया गया है।
प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। पथराव में दो पुलिसकर्मियों के घायल होने के बाद घटनाक्रम और गंभीर हो गया। अब इस मामले में पुलिस की कार्रवाई और हिरासत में लिए गए लोगों को लेकर आगे की जानकारी पर नजर बनी हुई है।


