उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में क्षत्रिय युवा करणी सेना के जिलाध्यक्ष सचिन राघव पर बुधवार शाम भीड़ ने हमला कर दिया। घंटाघर के पास हुई इस घटना में करीब 100 युवकों की भीड़ ने सचिन को घेरकर लात-घूंसों और बेल्ट से पीटा। हमले के दौरान सचिन हाथ जोड़कर माफी मांगते हुए दिखाई दिए। उन्हें बचाने पहुंचे उनके छोटे भाई सुंदर और दोस्त प्रहलाद के साथ भी मारपीट की गई, जिसमें दोनों घायल हो गए।
घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, बुधवार शाम करीब सात बजे सचिन राघव अपने छोटे भाई सुंदर और दोस्त प्रहलाद के साथ घंटाघर के पास चाट खा रहे थे। इसी दौरान बड़ी संख्या में युवक वहां पहुंच गए। देखते ही देखते युवकों ने सचिन और उनके साथ मौजूद लोगों को घेर लिया।
बताया गया कि भीड़ ने ‘जय भीम’ के नारे लगाते हुए सचिन को दौड़ा-दौड़ाकर पीटना शुरू कर दिया। हमलावर उन्हें खींचकर अंबेडकर पार्क के अंदर ले गए। आरोप है कि वहां भी उनके साथ मारपीट की गई और उनसे वाल्मीकि समाज तथा डॉ. भीमराव आंबेडकर के सम्मान में नारे लगवाए गए। इस दौरान सचिन हाथ जोड़कर लोगों से माफी मांगते हुए नजर आए।
सचिन को बचाने की कोशिश करने पर उनके छोटे भाई सुंदर और दोस्त प्रहलाद को भी भीड़ ने पीट दिया। दोनों को चोटें आई हैं। घटना के दौरान मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
पुलिस पहुंची तो हमलावर फरार
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के पहुंचने की भनक लगते ही आरोपी वहां से फरार हो गए। पुलिस ने घायल सचिन राघव को उपचार और मेडिकल जांच के लिए जिला अस्पताल भेजा। उनके भाई और दोस्त का भी उपचार कराया गया है।
सचिन राघव की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और हमले में शामिल लोगों की पहचान कर उनकी तलाश की जा रही है।
फिलहाल पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी पुलिस सतर्क है। जांच पूरी होने के बाद हमले के कारण और इसमें शामिल लोगों की भूमिका के संबंध में स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।


