पाकिस्तान में भारत आने की तैयारी कर रहे 104 सिख तीर्थयात्रियों को फ्लाइट में सवार होने से रोक दिया गया। ये श्रद्धालु भारत आने के लिए वैध वीजा हासिल कर चुके थे और यात्रा की तैयारी पूरी कर चुके थे। लेकिन उड़ान भरने से पहले पाकिस्तानी अधिकारियों ने उन्हें विमान में चढ़ने की अनुमति नहीं दी। घटना के बाद तीर्थयात्रियों में नाराजगी फैल गई।
भारत आने के लिए मिला था वीजा
रिपोर्ट के मुताबिक, 104 सदस्यीय जत्थे को पाकिस्तान सरकार की ओर से 30 दिन का वीजा जारी किया गया था। यह जत्था ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत आने वाला पहला पाकिस्तानी हिंदू-सिख तीर्थयात्री समूह बताया गया था। यात्रा के कार्यक्रम के अनुसार श्रद्धालुओं को दुबई के रास्ते नई दिल्ली पहुंचना था।
श्रद्धालुओं ने भारत में धार्मिक स्थलों के दर्शन की योजना बनाई थी। वीजा और यात्रा की तैयारी के बाद उन्हें उम्मीद थी कि वे निर्धारित उड़ान से भारत पहुंचेंगे। लेकिन एयरपोर्ट पर रोक दिए जाने के बाद उनकी यात्रा अधर में पड़ गई।
विमान में चढ़ने से रोके जाने पर भड़के श्रद्धालु
फ्लाइट में बोर्डिंग से रोके जाने के बाद तीर्थयात्रियों ने नाराजगी जताई। उनका कहना था कि जब उन्हें भारत जाने के लिए वीजा जारी किया गया था, तो आखिरी समय में यात्रा से रोकने का क्या कारण है। इस घटनाक्रम से श्रद्धालुओं के बीच काफी असंतोष देखने को मिला।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध पहले से ही बेहद तनावपूर्ण हैं। ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोनों देशों के बीच राजनीतिक और कूटनीतिक तनाव बढ़ा है। ऐसे माहौल में धार्मिक यात्रा से जुड़े लोगों को रोके जाने की घटना ने दोनों देशों के बीच लोगों के संपर्क और धार्मिक यात्राओं को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
धार्मिक यात्राओं पर पहले भी रही है नजर
भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के बावजूद दोनों देशों के श्रद्धालु समय-समय पर धार्मिक यात्राओं के लिए सीमा पार करते रहे हैं। सिख श्रद्धालुओं के लिए पाकिस्तान में ननकाना साहिब, पंजा साहिब और करतारपुर जैसे पवित्र स्थलों का विशेष महत्व है। इसी तरह पाकिस्तान के हिंदू और सिख समुदाय के श्रद्धालु भारत में अपने धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए आते हैं।
हालांकि मौजूदा तनाव के बीच ऐसी यात्राओं को लेकर नियम और अनुमति प्रक्रिया अधिक संवेदनशील हो गई है। 104 श्रद्धालुओं को रोकने की घटना भी इसी व्यापक तनाव के बीच सामने आई है।
भारत-पाक संबंधों के बीच बढ़ी चिंता
104 तीर्थयात्रियों को विमान में नहीं चढ़ने देने की घटना से धार्मिक यात्राओं को लेकर चिंता बढ़ सकती है। खासकर तब, जब संबंधित यात्रियों के पास भारत आने का वीजा होने की बात सामने आई है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने इन श्रद्धालुओं को किस आधार पर बोर्डिंग से रोका और क्या उन्हें बाद में भारत आने की अनुमति दी जाएगी। घटना को लेकर आगे दोनों देशों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी।
यह मामला केवल एक यात्रा रुकने तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत-पाकिस्तान के बीच धार्मिक और मानवीय संपर्क पर भी इसका असर पड़ सकता है। ऐसे में 104 श्रद्धालुओं की आगे की यात्रा और पाकिस्तान सरकार के अगले कदम पर नजर रहेगी।


