भारतीय क्रिकेट में विकेटकीपर-बल्लेबाज की जगह को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने दक्षिण जोन के खिलाफ 270 रन की शानदार पारी खेलकर टेस्ट टीम में वापसी का मजबूत दावा पेश किया है। चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेली गई उनकी पारी 334 गेंदों में आई, जिसमें 30 चौके और सात छक्के शामिल रहे। उनकी इस पारी ने चयनकर्ताओं के सामने विकेटकीपर की रेस को और दिलचस्प बना दिया है।
ईशान ने सिर्फ तेजी से रन नहीं बनाए, बल्कि लंबी पारी खेलकर अपने टेस्ट क्रिकेट के इरादे भी साफ कर दिए। इस पारी के दौरान वह कुछ समय के लिए क्रैम्प के कारण मैदान से बाहर भी गए, लेकिन दोबारा लौटकर 270 रन तक पहुंचे। उनकी बल्लेबाजी में धैर्य और परिस्थितियों के अनुसार खेलने की क्षमता भी नजर आई। यही वजह है कि अब उनके टेस्ट दावेदारी को महज एक आक्रामक बल्लेबाज की वापसी के तौर पर नहीं देखा जा रहा है।
पंत और जुरेल के लिए क्या मायने?
टेस्ट टीम में विकेटकीपर के तौर पर ऋषभ पंत का अनुभव और अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड उन्हें अब भी मजबूत स्थिति में रखता है। इसलिए सिर्फ 270 रन की एक पारी के आधार पर उनका स्थान खतरे में मानना जल्दबाजी होगी। दूसरी ओर ध्रुव जुरेल ने भी टेस्ट क्रिकेट में अपनी उपयोगिता साबित की है और चयनकर्ताओं के भरोसेमंद विकल्पों में शामिल हैं।
लेकिन ईशान की चुनौती को नजरअंदाज करना भी मुश्किल है। दलीप ट्रॉफी फाइनल में उनकी 270 रन की पारी चयन समिति के सामने सीधे तौर पर आई, क्योंकि मुकाबले के दौरान राष्ट्रीय चयन समिति के सदस्य भी मौजूद थे। ऐसे में उनकी पारी निश्चित रूप से चयन चर्चा का हिस्सा बनेगी।
क्या ईशान को टेस्ट टीम में जगह मिलेगी?
फिलहाल 270 रन की पारी उन्हें टीम में जगह की गारंटी नहीं देती, लेकिन उन्होंने अपना दावा बेहद मजबूत जरूर कर लिया है। खास बात यह है कि ईशान ने घरेलू लाल गेंद क्रिकेट में लगातार खुद को साबित करने की कोशिश की है और अब उनकी बल्लेबाजी में पहले की तुलना में अधिक परिपक्वता दिखाई दे रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक अगर वह इसी तरह रेड-बॉल क्रिकेट में प्रदर्शन जारी रखते हैं, तो आगामी टेस्ट चयन में उन्हें नजरअंदाज करना चयनकर्ताओं के लिए आसान नहीं होगा।
ऐसे में सवाल फिलहाल यह नहीं है कि ईशान ने टेस्ट टीम में वापसी का दरवाजा खटखटाया है या नहीं—उन्होंने निश्चित तौर पर ऐसा कर दिया है। असली सवाल यह होगा कि टीम मैनेजमेंट उन्हें किस भूमिका में देखता है और तीन विकेटकीपरों में संतुलन कैसे बनाता है। 270 रन की यह पारी ईशान के लिए सिर्फ एक बड़ी पारी नहीं, बल्कि टेस्ट टीम में वापसी की जोरदार दस्तक बन गई है।


