पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव बेहद गंभीर हो गया है। अमेरिका और ईरान के बीच कई हफ्तों से चली आ रही अपेक्षाकृत शांति के बाद मंगलवार को दोनों देशों के बीच बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई हुई। अमेरिकी सेना ने ईरान के चाबहार, केशम द्वीप, बंदर अब्बास, जास्क और सिरिक समेत कई इलाकों में हमले किए। अमेरिका के मुताबिक इन हमलों में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।
किन ठिकानों को बनाया निशाना?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार अभियान में एयर डिफेंस साइट, रडार सिस्टम, समुद्री सैन्य ठिकाने, संचार केंद्र और ईरान की बारूदी सुरंगें बिछाने की क्षमता से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों और अमेरिकी सैनिकों के खिलाफ ईरान की कथित गतिविधियों के जवाब में की गई।
ईरानी मीडिया के अनुसार दक्षिणी तट के कई शहरों और इलाकों में धमाकों की आवाजें सुनी गईं। चाबहार इस घटनाक्रम में खास तौर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह ईरान का प्रमुख समुद्री बंदरगाह है और भारत के लिए भी रणनीतिक महत्व रखता है। चाबहार में अमेरिकी हमले की खबर पहले भी सामने आ चुकी है, लेकिन ताजा घटनाक्रम ने क्षेत्रीय तनाव को फिर बढ़ा दिया है।
ईरान ने किया पलटवार
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की। ईरान ने अमेरिका के सैन्य ठिकानों और हितों को निशाना बनाने का दावा किया। रिपोर्टों के अनुसार जॉर्डन और इराक में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए, जबकि बहरीन ने भी ईरानी ड्रोन को intercept किए जाने की जानकारी दी। हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने शुरुआती आकलन में जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों के हताहत होने की पुष्टि नहीं की।
इस बीच ईरान के सिरिक इलाके में एक शादी समारोह के दौरान एक घर पर अमेरिकी हमले में नागरिकों के मारे जाने की खबर भी सामने आई है। ईरानी रेड क्रिसेंट के अनुसार पांच लोगों की मौत हुई और दर्जनों लोग घायल हुए। अमेरिका ने इस घटना पर अभी आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।
ट्रंप की ईरान को सीधी चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर उसने जवाबी कार्रवाई जारी रखी तो उसे और भी गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिकी स्थिति को मजबूत बताते हुए ईरान की अर्थव्यवस्था पर भी कड़ा दावा किया।
तनाव बढ़ने का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी दिख रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है। यहां सैन्य तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है।
फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच ताजा सैन्य टकराव ने पश्चिम एशिया में व्यापक संघर्ष की आशंका फिर बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में दोनों देशों की अगली सैन्य और कूटनीतिक कार्रवाई पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।


