अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने 2024 में तत्कालीन राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप पर हुए जानलेवा हमले को लेकर बड़ा बयान दिया है। एक ईसाई पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान वेंस ने कहा कि अगर पेंसिल्वेनिया में हुआ वह हमला सफल हो जाता और ट्रंप की मौत हो जाती, तो अमेरिका में ऐसा राजनीतिक और सामाजिक संघर्ष पैदा हो सकता था, जिससे देश के लिए उससे उबरना बेहद मुश्किल होता।
वेंस ने कहा कि अगर 2024 में ट्रंप की हत्या हो जाती, तो उन्हें भी इस बात का संदेह रहता कि यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा थी। उनके मुताबिक ट्रंप के समर्थकों के बीच यह धारणा मजबूत हो सकती थी कि उनके चुने हुए नेता को किसी साजिश के तहत रास्ते से हटाया गया है।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि ऐसी स्थिति में अमेरिका की पूरी राजनीतिक व्यवस्था की वैधता पर सवाल खड़े हो सकते थे। उन्होंने आशंका जताई कि देश में गंभीर सिविल स्ट्राइफ यानी गृह संघर्ष की स्थिति पैदा हो सकती थी और शायद अमेरिका उससे कभी पूरी तरह उबर नहीं पाता।
2024 में क्या हुआ था?
13 जुलाई 2024 को पेंसिल्वेनिया के बटलर में एक चुनावी रैली के दौरान ट्रंप पर गोली चलाई गई थी। गोली उनके कान को छूकर निकल गई थी, जबकि हमले में रैली में मौजूद एक समर्थक की मौत हो गई थी। ट्रंप ने बाद में इस घटना में अपनी जान बचने को ईश्वर की कृपा से जोड़ा था। वेंस ने भी पॉडकास्ट में इसी धार्मिक नजरिए से इस घटना को देखा।
दुनिया के अंत पर भी बोले वेंस
पॉडकास्ट में बातचीत केवल राजनीति तक सीमित नहीं रही। वेंस ने दुनिया के अंत यानी ‘एंड टाइम्स’ को लेकर अपनी पुरानी दिलचस्पी का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि युवावस्था में उन्हें बाइबिल की भविष्यवाणियों और दुनिया के अंत से जुड़ी बातों में रुचि थी।
उन्होंने मजाकिया अंदाज में एक ऐसे दोस्त की कहानी भी सुनाई, जिसे विश्वास था कि एक निश्चित समय पर दुनिया खत्म हो जाएगी और इसी भरोसे में उसने भारी कर्ज तक ले लिया था। हालांकि वेंस ने कहा कि वह इस तरह की भविष्यवाणियों पर जरूरत से ज्यादा ध्यान नहीं देते और वर्तमान में अपनी जिम्मेदारियों को निभाने पर ध्यान देना ज्यादा महत्वपूर्ण मानते हैं।
एआई को लेकर जताई चिंता
वेंस ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल को लेकर भी चिंता जाहिर की। उनका कहना था कि तकनीक अगर इंसानी बातचीत और वास्तविक मानवीय संपर्क की जगह लेने लगे, तो इसके गंभीर सामाजिक और आध्यात्मिक प्रभाव हो सकते हैं। उन्होंने एआई से जुड़े कुछ घटनाक्रमों को लेकर ‘आध्यात्मिक अंधेरे’ जैसी आशंकाओं का भी उल्लेख किया।
ट्रंप की ‘जीसस’ वाली एआई तस्वीर का बचाव
पॉडकास्ट में वेंस ने ट्रंप की उस एआई-जनरेटेड तस्वीर का भी बचाव किया, जिसमें उन्हें ईसा मसीह के रूप में दिखाया गया था। तस्वीर को लेकर विवाद के बावजूद वेंस ने कहा कि ट्रंप का उद्देश्य भगवान का मजाक उड़ाना नहीं था। उन्होंने ट्रंप को ऐसा व्यक्ति बताया जो अक्सर माहौल को हल्का रखने के लिए मजाक करता है।
वेंस की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब अमेरिका में राजनीतिक ध्रुवीकरण और ट्रंप के प्रति समर्थन-असहमति दोनों ही बेहद तीखे हैं। 2024 के हमले को लेकर उनका बयान इस बात को रेखांकित करता है कि उस घटना को लेकर अमेरिकी राजनीति में संभावित परिणामों की आशंका कितनी गंभीर थी।


