उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में मानसूनी बारिश का प्रकोप जारी है। मूसलाधार बारिश, भूस्खलन और नदियों के उफान ने सामान्य जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। हिमाचल प्रदेश में शनिवार रात हुई भारी बारिश के कारण कालका-शिमला धरोहर (हेरिटेज) रेल मार्ग भारी क्षति का शिकार हुआ है। कोटी और गुम्मन रेलवे स्टेशनों के बीच पटरी के नीचे की जमीन और मिट्टी बह जाने के कारण लगभग 50 मीटर का रेलवे ट्रैक हवा में लटक गया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस रूट पर ट्रेनों का संचालन पूरी तरह रद्द कर दिया गया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, जब तक ट्रैक की मरम्मत नहीं हो जाती, आवाजाही बंद रहेगी। इसके अलावा, मंडी जिले में बारिश और भूस्खलन से 24 मार्ग बंद हो गए हैं, जिनमें सबसे अधिक प्रभाव सराज क्षेत्र (17 सड़कें बाधित) में देखने को मिला है।
जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड: भूस्खलन से सड़कें ठप
- जम्मू-कश्मीर: कठुआ और रियासी समेत विभिन्न इलाकों में तेज बारिश हुई है। भूस्खलन की वजह से सांबा-मानसर मार्ग तथा बनी-बसोहली सड़क पर करडोह के पास यातायात ठप हो गया। हालांकि, राहत की बात यह है कि जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही बनी हुई है।
- उत्तराखंड: राज्य में नदियां उफान पर हैं और पहाड़ियां दरक रही हैं। मसूरी-नैनीताल में लैंडस्लाइड, टिहरी-चमोली में भूस्खलन और देहरादून में सड़क का हिस्सा बह जाने जैसी घटनाएं सामने आई हैं। राज्य में दो राज्यमार्गों समेत कुल 78 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं।
मध्य प्रदेश: मंदाकिनी नदी का उफान
मध्य प्रदेश के सतना जिले के चित्रकूट में भारी बारिश के बाद मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर पहुंच गया। नदी के उफान पर आने से निचले और रिहायशी इलाकों में पानी भर गया है। स्थिति से निपटने और फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एनडीआरएफ (NDRF) की टीमें तैनात की गई हैं।
मौसम विभाग (IMD) का अलर्ट
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर भारत के 10 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 5 सितंबर तक भारी बारिश, गरज-चमक और वज्रपात (बिजली गिरने) की चेतावनी जारी की है। पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।


