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दिल्ली में स्वाइन फ्लू के मरीज साढ़े 3 हजार के पार, सर्दी-खांसी और बुखार के मामले में लगातार बढ़ोतरी

दिल्ली-एनसीआर में स्वाइन फ्लू (H1N1 इन्फ्लूएंजा) का संक्रमण तेजी से पैर पसार रहा है। स्वास्थ्य विभाग और अस्पतालों से सामने आए आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में स्वाइन फ्लू के मामलों की संख्या 3,565 का आंकड़ा पार कर चुकी है। अचानक बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य प्रशासन और आम जनता की चिंता बढ़ा दी है। अस्पतालों की ओपीडी (OPD) में सर्दी, खांसी और तेज बुखार के मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।

स्वाइन फ्लू एक संक्रामक श्वसन बीमारी है, जो H1N1 टाइप A इन्फ्लूएंजा वायरस के कारण होती है। यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में हवा के जरिए (छींकने, हंसने या खांसने के दौरान निकलने वाली ड्रॉपलेट्स से) तेजी से फैलता है। मौसम में बदलाव और नमी की वजह से वायरस का प्रभाव और अधिक घातक साबित हो रहा है।

डॉक्टरों की चेतावनी: इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

वरिष्ठ चिकित्सकों का कहना है कि शुरुआती दौर में स्वाइन फ्लू के लक्षण सामान्य मौसमी सर्दी-जुकाम जैसे ही लगते हैं, लेकिन सही समय पर इलाज न मिलने पर यह गंभीर रूप ले सकता है।

प्रमुख लक्षण:

  • तेज बुखार और कंपकंपी छूटना
  • लगातार सूखी या बलगम वाली खांसी और गले में खराश
  • सांस लेने में तकलीफ या छाती में भारीपन
  • सिरदर्द, अत्यधिक थकान और मांसपेशियों में तेज दर्द
  • कुछ मामलों में उल्टी, दस्त या पेट में ऐंठन

डॉक्टरों की सलाह: यदि बुखार 2-3 दिनों से अधिक समय तक बना रहे या सांस लेने में थोड़ी भी कठिनाई महसूस हो, तो बिना देर किए जांच कराएं। खुद से एंटीबायोटिक या पेनकिलर लेने की भूल न करें।

संक्रमण से बचाव के मुख्य उपाय

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बीमारी के फैलाव को रोकने के लिए निम्नलिखित सावधानियां बरतने की अपील की है। भीड़भाड़ वाले स्थानों, मेट्रो और अस्पतालों में अनिवार्य रूप से मास्क पहनें। नियमित रूप से साबुन-पानी से हाथ धोएं या अल्कोहल-आधारित सैनिटाइजर का उपयोग करें। यदि घर में किसी को सर्दी या बुखार है, तो आइसोलेशन का पालन करें और उनके बर्तन या तौलिये अलग रखें। उच्च जोखिम वाले समूहों (बुजुर्ग, बच्चे, गर्भवती महिलाएं और पहले से बीमार लोग) को वार्षिक फ्लू वैक्सीन (Influenza Vaccine) लगवाने की सलाह दी गई है। राजधानी के प्रमुख अस्पतालों को संदिग्ध मरीजों के लिए आइसोलेशन वार्ड तैयार रखने और पर्याप्त मात्रा में एंटीवायरल दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

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