More
    HomeHindi NewsDelhi News'मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड': भारतीय सिक्कों की दुनियाभर में डिमांड,...

    ‘मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड’: भारतीय सिक्कों की दुनियाभर में डिमांड, जानें क्या है खास

    वैश्विक बाजार में भारतीय सिक्कों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कॉइन ब्लैंक्स (Coin Blanks) की मांग में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। इस बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए देश की सबसे बड़ी स्टेनलेस स्टील निर्माता कंपनी जिंदल स्टेनलेस लिमिटेड (JSL) अपनी कॉइन ब्लैंक्स उत्पादन क्षमता को 20 प्रतिशत तक बढ़ाने की योजना बना रही है। विश्व भर के देशों द्वारा टिकाऊ, सुरक्षित और लागत-कुशल मुद्रा (Currency) अपनाने के रुझान ने भारतीय कंपनियों के लिए वैश्विक स्तर पर नए आर्थिक अवसर खोल दिए हैं।

    क्या हैं कॉइन ब्लैंक्स और JSL की भूमिका?

    • सिक्के बनाने की धातु चकती (Coin Blanks): सिक्के ढालने (Minting) की प्रक्रिया में धातु की सपाट गोल चकतियों का उपयोग किया जाता है, जिन पर बाद में टकसाल (Mint) में डिजाइनों की छपाई की जाती है। इन्हें ही ‘कॉइन ब्लैंक्स’ कहा जाता है।
    • वैश्विक आपूर्ति में भारत का दबदबा: जिंदल स्टेनलेस लिमिटेड (JSL) न केवल भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और भारत सरकार की टकसालों के लिए कॉइन ब्लैंक्स की आपूर्ति करती है, बल्कि दुनिया के 20 से अधिक देशों में अपने उत्पाद निर्यात करती है।

    उत्पादन क्षमता बढ़ाने का मुख्य कारण:

    1. अंतरराष्ट्रीय मांग में वृद्धि: यूरोपीय, एशियाई, अफ्रीकी और लैटिन अमेरिकी देशों की सेंट्रल बैंकों से स्टेनलेस स्टील कॉइन ब्लैंक्स की भारी मांग आ रही है।
    2. लागत प्रभावी और टिकाऊ धातु: पेपर करेंसी की तुलना में सिक्के लंबे समय तक चलते हैं, और स्टेनलेस स्टील जंग-रोधी (Rust-Proof) होने के साथ-साथ आर्थिक रूप से अधिक टिकाऊ विकल्प है।
    3. मेक इन इंडिया (Make in India) को बढ़ावा: भारत का यह घरेलू उद्योग अंतरराष्ट्रीय मिंट्स (Mints) के बीच एक विश्वसनीय सप्लायर के रूप में उभरा है, जिससे ‘मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड’ पहल को मजबूती मिल रही है।

    विस्तार योजना और भविष्य की संभावनाएं:

    • हिसार संयंत्र का विस्तार: JSL अपने हरियाणा के हिसार स्थित विनिर्माण संयंत्र में कॉइन ब्लैंक्स उत्पादन क्षमता का विस्तार करेगी।
    • अग्रणी स्थिति मजबूत होगी: वर्तमान में JSL की वार्षिक क्षमता हजारों मीट्रिक टन कॉइन ब्लैंक्स बनाने की है। 20% क्षमता विस्तार के बाद कंपनी वैश्विक सिक्का निर्माण बाजार (Global Coin Minting Industry) में अपनी स्थिति को और अधिक मजबूत करेगी।
    RELATED ARTICLES

    Most Popular

    Recent Comments