भारतीय घरेलू और जूनियर क्रिकेट के गलियारों से एक बेहद रोमांचक खबर सामने आई है। पूर्व भारतीय दिग्गज सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर सहवाग को पहली बार भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम में शामिल कर लिया गया है। वहीं, पूर्व भारतीय कप्तान और महान बल्लेबाज राहुल द्रविड़ के छोटे बेटे अन्वय द्रविड़ को भी इस राष्ट्रीय टीम में जगह दी गई है।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की जूनियर चयन समिति द्वारा लिए गए इस फैसले के बाद क्रिकेट जगत में ‘सहवाग और द्रविड़’ की आइकॉनिक जोड़ी के बेटों को एक साथ भारतीय जर्सी में खेलते देखने का इंतजार खत्म होने जा रहा है।
घरेलू सत्र और अंडर-19 वीनू मांकड़ ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन
दोनों ही स्टार किड्स ने अपने लगातार बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर राष्ट्रीय टीम का दरवाजा खटखटाया है:
- आर्यवीर सहवाग का प्रदर्शन: दिल्ली की ओर से खेलते हुए आर्यवीर ने कूच बिहार ट्रॉफी (U-19) और वीनू मांकड़ ट्रॉफी में अपने पिता की तरह आक्रामक शैली में ताबड़तोड़ रन बनाए। मेघालय के खिलाफ उन्होंने 297 गेंदों में 200 रनों की नाबाद दोहरी शतकीय पारी खेली थी, जिसमें 34 चौके और 2 छक्के शामिल थे।
- अन्वय द्रविड़ की काबिलियत: कर्नाटक अंडर-19 टीम की कप्तानी कर चुके अन्वय द्रविड़ एक भरोसेमंद विकेटकीपर-बल्लेबाज हैं। उन्होंने विजय मर्चेंट ट्रॉफी (U-16) में झारखंड के खिलाफ नाबाद 200 रन बनाकर अपनी बल्लेबाजी क्षमता साबित की थी, जबकि हाल ही में अंडर-19 वीनू मांकड़ ट्रॉफी में भी कर्नाटक के लिए मैच विनिंग पारियां खेलीं।
आगामी सीरीज़ और कप्तानी का जिम्मा
भारतीय अंडर-19 टीम को आगामी द्विपक्षीय सीरीज (50 ओवर के मैच और चार दिवसीय मल्टी-डे फॉर्मेट) में प्रतिस्पर्धा करनी है।
- कप्तानी: टीम की कमान युवा प्रतिभा और शानदार ऑलराउंडर वैभव सूर्यवंशी या आयुष मात्रे जैसे प्रतिभावान खिलाड़ियों के हाथों में दिए जाने की संभावना है।
- भविष्य की ओर कदम: राहुल द्रविड़ के बड़े बेटे समित द्रविड़ पहले ही अंडर-19 और महाराजा टी20 ट्रॉफी में खेल चुके हैं। अब अन्वय और आर्यवीर के चयन से भारतीय क्रिकेट के ‘नेक्स्ट जेनरेशन’ को आकार दिया जा रहा है।
प्रशंसकों में जबरदस्त उत्साह
वीरेंद्र सहवाग की विस्फोटक और बेखौफ बल्लेबाजी के साथ-साथ राहुल द्रविड़ की चट्टान जैसी तकनीक ने लंबे समय तक भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। अब करीब दो दशक बाद, उनके बेटों का एक ही ड्रेसिंग रूम और मैदान साझा करना क्रिकेट फैंस के लिए एक बहुत बड़ा और भावुक क्षण है।


