पश्चिम बंगाल और ओडिशा सहित पूर्वी भारत के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। लगातार हो रही बारिश से जहां शहरों में जलभराव और भारी ट्रैफिक जाम की समस्या पैदा हो गई है, वहीं ग्रामीण इलाकों और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन व इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़ा नुकसान पहुंचा है।
ओडिशा: मयूरभंज में रेलवे ट्रैक के नीचे से बही जमीन
ओडिशा के मयूरभंज जिले में लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण एक बड़ा रेल हादसा टल गया, लेकिन रेल यातायात पूरी तरह प्रभावित हुआ है।
- रेलवे ट्रैक को नुकसान: बारीपदा क्षेत्र में भारी बारिश के कारण रेलवे पटरी के नीचे से लगभग 50 मीटर लंबी जमीन और मिट्टी बह गई।
- ट्रेन सेवाएं निलंबित: सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस मार्ग पर रेल सेवाओं को तुरंत रोक दिया गया। दक्षिण पूर्व रेलवे के अधिकारी और मरम्मत दल मौके पर पहुंचकर ट्रैक को बहाल करने में जुटे हैं।
- बाढ़ जैसे हालात: मयूरभंज, बालेश्वर और भद्रक जैसे निचले इलाकों में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे कई गांवों का संपर्क कट गया है।
पश्चिम बंगाल: कोलकाता में जलभराव और ट्रैफिक जाम
कोलकाता और आसपास के जिलों (दक्षिण 24 परगना, उत्तर 24 परगना, और हावड़ा) में रातभर हुई भारी बारिश के कारण स्थिति काफी गंभीर हो गई है।
- जलमग्न मुख्य मार्ग: कोलकाता के सेंट्रल एवेन्यू, एमजी रोड, पार्क सर्कस और खिदिरपुर जैसे प्रमुख इलाकों में सड़कों पर 1 से 2 फीट तक पानी भर गया।
- यातायात की रफ्तार पर ब्रेक: सड़कों पर पानी भरने से कार्यालय जाने वाले लोगों और स्कूली बच्चों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बसों, ऑटो और निजी वाहनों की आवाजाही बेहद धीमी रही।
- नागरिक निकाय की मशक्कत: कोलकाता नगर निगम (KMC) के पंपिंग स्टेशनों को जल निकासी के लिए लगातार सक्रिय रखा गया है, हालांकि लगातार हो रही बारिश से पानी कम होने में समय लग रहा है।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) के कारण यह मानसूनी बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों के लिए ओडिशा और दक्षिण बंगाल के कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मछुआरों को भी समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।


