भारत और श्रीलंका के बीच गॉल अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच के पहले दिन भारतीय टीम ने जबरदस्त बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। अपने टेस्ट करियर का पहला अंतरराष्ट्रीय शतक जड़ने वाले देवदत्त पडिक्कल (131*) के दम पर भारत ने पहले दिन का खेल खत्म होने तक 2 विकेट के नुकसान पर 288 रन बना लिए हैं। गॉल की पिच पर टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने पूरे दिन श्रीलंकाई गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। खराब रोशनी और बारिश के कारण दिन का खेल निर्धारित समय से थोड़ा पहले समाप्त घोषित कर दिया गया, जिससे 17 ओवर का खेल नहीं हो सका।
मैच के मुख्य आकर्षण
- देवदत्त पडिक्कल का पहला टेस्ट शतक: चोटिल साई सुदर्शन की जगह अंतिम एकादश में शामिल किए गए देवदत्त पडिक्कल ने मिले मौके का पूरा फायदा उठाया। पडिक्कल ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए 178 गेंदों पर 131 रनों की नाबाद पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में 12 चौके और 1 छक्का जमाया तथा श्रीलंकाई स्पिनरों के खिलाफ शानदार कदमों का इस्तेमाल किया।
- केएल राहुल और पडिक्कल की 150 रनों की साझेदारी: सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल (32) के दुर्भाग्यपूर्ण रन आउट होने के बाद केएल राहुल और पडिक्कल ने भारतीय पारी को संभाला। दोनों के बीच दूसरे विकेट के लिए 150 रनों की बहुमूल्य साझेदारी हुई। राहुल ने 162 गेंदों में 77 रन बनाए, हालांकि चायकाल के बाद मांसपेशियों में खिंचाव (क्रैंप्स) की वजह से उन्हें रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान छोड़ना पड़ा।
- कप्तान गिल जल्दी लौटे, पंत ने दिए आक्रामक संकेत: राहुल के मैदान से जाने के बाद क्रीज पर आए कप्तान शुभमन गिल ज्यादा देर नहीं टिक सके और 16 रन बनाकर प्रभात जयसूर्या का शिकार बने। इसके बाद आए ऋषभ पंत (27*) ने पडिक्कल का अच्छा साथ निभाया और दिन का खेल खत्म होने तक दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 52 रनों की अटूट साझेदारी कर ली।
| बल्लेबाज | रन | गेंद | 4s | 6s | स्थिति |
|---|---|---|---|---|---|
| देवदत्त पडिक्कल | 131 | 178 | 12 | 1 | क्रीज पर नाबाद |
| केएल राहुल | 77 | 162 | 9 | 1 | रिटायर्ड हर्ट |
| यशस्वी जायसवाल | 32 | 37 | 5 | 0 | रन आउट |
| ऋषभ पंत | 27 | 36 | 3 | 1 | क्रीज पर नाबाद |
| शुभमन गिल | 16 | 28 | 2 | 0 | कैच उदारा बो. जयसूर्या |
श्रीलंकाई गेंदबाजों का संघर्ष
गॉल की पिच पर पहले दिन श्रीलंकाई गेंदबाज बेअसर साबित हुए। प्रभात जयसूर्या (1/77) को एकमात्र सफलता मिली, जबकि अन्य गेंदबाज जैसे पदार्पण कर रहे ऑफ स्पिनर केशरा नुवंथा और तेज गेंदबाज लाहिरू कुमारा भारतीय बल्लेबाजों को परेशान करने में नाकाम रहे। पहले दिन की ठोस शुरुआत के बाद भारतीय टीम दूसरे दिन बड़े स्कोर की ओर नजरें टिकाए रखेगी।


