प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में भारत के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा का विमोचन किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने पूर्व राष्ट्रपति के संघर्षमयी जीवन की सराहना की और अपनी माँ तथा कोविंद जी की माताजी का स्मरण करते हुए भावुक हो गए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति के बचपन की एक दुखद घटना का जिक्र किया:
- कोविंद जी का पारिवारिक संघर्ष: पीएम ने बताया कि बचपन में गर्मियों के दौरान रामनाथ कोविंद जी के घर में आग लग गई थी। उनकी मां ने घर का सामान बचाते हुए अपनी जान गंवा दी थी। इतनी कम उम्र में मां को इस तरह खोने का दर्द अत्यंत पीड़ादायक रहा होगा।
- अपनी मां का स्मरण: अपनी दिवंगत मां हीराबा को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “मैं भाग्यशाली रहा कि मेरी मां 100 वर्षों से अधिक जीं और मुझे आशीर्वाद देती रहीं, लेकिन इसके बावजूद मैं आज भी उनकी कमी महसूस करता हूं।”
युवाओं को संदेश: ‘रील्स के दौर में शॉर्टकट से बचें’
प्रधानमंत्री ने देश के युवाओं को आत्मकथाएं पढ़ने की आदत डालने की सलाह दी:
- शॉर्टकट संस्कृति पर चेतावनी: पीएम मोदी ने कहा कि आज रील्स और सोशल मीडिया का जमाना है, लेकिन युवाओं को याद रखना चाहिए कि “Shortcut will cut you short” (शॉर्टकट आपको छोटा कर देगा)।
- प्रेरणादायक जीवन यात्रा: उन्होंने कहा कि कोविंद जी की आत्मकथा केवल एक व्यक्ति का संघर्ष नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र की विजय गाथा है। विपरीत परिस्थितियों से निकलकर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने का उनका सफर युवाओं के लिए मिसाल है।
‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पर निरंतर योगदान
प्रधानमंत्री ने पूर्व राष्ट्रपति के कार्यकाल के बाद के योगदान की भी सराहना की। उन्होंने उल्लेख किया कि पदमुक्त होने के बाद भी कोविंद जी ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ (One Nation, One Election) समिति की अध्यक्षता करते हुए देश सेवा में निरंतर सक्रिय हैं, जो भारतीय लोकतंत्र में एक नया अध्याय जोड़ रहा है।


