जंतर-मंतर पर नीट (NEET) और पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर संसद में राजनीतिक घमासान चरम पर है। गृह मंत्री अमित शाह द्वारा चर्चा के लिए 24 घंटे की समयसीमा और कल 3 बजे जवाब देने के प्रस्ताव के बाद, विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार पर जोरदार पलटवार किया है।
राहुल गांधी का तंज: ‘हम उनका सामान्य भाषण सुनने नहीं आए हैं’
संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि देश को गृह मंत्री के किसी सामान्य विषय पर दिए जाने वाले भाषण में कोई दिलचस्पी नहीं है।
- सीधा सवाल: राहुल गांधी ने पूछा, “अमित शाह को यह साफ करना चाहिए कि दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर पेलेट गन और कीलों वाली लाठियां चलाने का आदेश किसने दिया था?”
- दोषी या अक्षम: उन्होंने दोहराया कि यदि गृह मंत्री ने यह आदेश दिया था तो वे निर्दोष छात्रों पर हिंसा कराने के दोषी हैं, और यदि उन्हें इस घटना की जानकारी नहीं थी तो वे अपने पद के लिए पूरी तरह अक्षम हैं। दोनों ही स्थितियों में उन्हें जवाबदेही तय करते हुए इस्तीफा देना चाहिए।
- जवाबदेही से भागने का आरोप: राहुल गांधी ने कहा कि गृह मंत्री पिछले कई दिनों से संसद में आकर इस मुद्दे पर जवाब देने का साहस नहीं दिखा पा रहे हैं।
मल्लिकार्जुन खरगे का ऐलान: ‘कल कुछ नहीं होगा, संसद में जारी रहेगा विरोध’
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी गृह मंत्री के बयान पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार छात्रों पर हुए अत्याचार और पुलिस कार्रवाई का सीधा हिसाब नहीं देती, तब तक विपक्ष का विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
| नेता | प्रमुख मांग / बयान |
| राहुल गांधी | “अमित शाह जवाब दें कि पेलेट गन का आदेश किसने दिया। हम उनका सामान्य भाषण सुनने नहीं आए हैं।” |
| मल्लिकार्जुन खरगे | “संसद का गतिरोध तब तक खत्म नहीं होगा जब तक गृह मंत्री छात्रों पर हुई लाठीचार्ज कार्रवाई पर माफी नहीं मांगते और सीधे सवालों का जवाब नहीं देते।” |
क्या है पूरा मामला?
20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट और भर्ती परीक्षाओं में धांधली के विरोध में देश भर से आए छात्र शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। विपक्ष का आरोप है कि दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) ने छात्रों पर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया और पेलेट गन का इस्तेमाल किया, जिसमें कई छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए।
मानसून सत्र की शुरुआत से ही ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के दल इस मुद्दे पर गृह मंत्री के बयान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी की मांग को लेकर दोनों सदनों में लगातार हंगामा और प्रदर्शन कर रहे हैं।


