झारखंड की राजधानी रांची में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक के विरोध में छात्रों और विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का जोरदार प्रदर्शन देखने को मिला। एक तरफ जहाँ ‘JPSC-JSSC सुधार मंच’ के बैनर तले हजारों छात्रों ने विधानसभा घेराव के लिए मार्च शुरू किया, वहीं दूसरी ओर भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर उग्र प्रदर्शन किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी समेत कई वरिष्ठ भाजपा नेताओं को हिरासत में ले लिया।
विधानसभा घेराव मार्च और सुरक्षा बल तैनात
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू हुआ छात्रों का मार्च जैसे ही आगे बढ़ा, पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर दिए। रांची पुलिस ने विधानसभा परिसर के आसपास के इलाकों में धारा 144 (निषेधाज्ञा) लागू कर दी है। मार्च को रोकने के लिए जगह-जगह कंटीले तार, वॉटर कैनन और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की तैनाती की गई है। आंदोलनकारी छात्र 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने और पूरी भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार की मांग पर अड़े हुए हैं।
मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन और हिरासत
भाजपा कार्यकर्ताओं और शीर्ष नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास का घेराव करने की कोशिश की। प्रदर्शन स्थल पर पुलिस के साथ तीखी बहस के बाद राज्य पुलिस ने नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी को समर्थकों के साथ हिरासत में ले लिया।
| मुख्य घटनाक्रम | विवरण |
| प्रमुख मांग | JPSC और JSSC परीक्षाओं में हुई कथित धांधली की कोर्ट-मॉनिटर CBI जांच |
| हिरासत में लिए गए नेता | नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी व अन्य वरिष्ठ भाजपा नेता |
| आरोप | परीक्षाओं के संचालन के लिए निजी आउटसोर्सिंग कंपनियों की भूमिका संदिग्ध होना |
बाबूलाल मरांडी और भाजपा का सरकार पर हमला
हिरासत में लिए जाने से पूर्व मीडिया से बात करते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सरकार छात्रों की जायज मांगों को नजरअंदाज कर रही है और मामले को भटकाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि जब तक JPSC और JSSC की सभी विवादित परीक्षाओं की पारदर्शी जांच नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने आरोप लगाया कि हेमंत सरकार ने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है और सुरक्षा बलों के बल पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन को दबाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आउटसोर्सिंग एजेंसी (TDPL) की कार्यप्रणाली की सीबीआई जांच होना अत्यंत आवश्यक है।


