भारतीय खुफिया एजेंसियों और पीआईबी (PIB) की फैक्ट-चेक यूनिट ने पाकिस्तान समर्थित सोशल मीडिया अकाउंट्स द्वारा चलाए जा रहे एक बड़े दुष्प्रचार अभियान का पर्दाफाश किया है। पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा हैंडल एआई (AI) और डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फर्जी और डिजिटल रूप से बदले गए वीडियो वायरल कर रहे हैं। खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान की मंशा भारत में छात्रों, युवाओं और आम जनता के बीच भ्रम फैलाकर अशांति पैदा करने की है। हाल ही में पीएम मोदी के भाषणों और अन्य रक्षा मामलों को तोड़-मरोड़कर फर्जी दावे पेश किए गए थे। जांच एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और आंतरिक शांति को प्रभावित करने के लिए यह ‘हाइब्रिड वॉरफेयर’ का हिस्सा है। नागरिकों को सतर्क रहने और केवल आधिकारिक स्रोतों से जानकारी सत्यापित करने की सलाह दी गई है।
अपशब्दों पर सियासत: PM मोदी की ‘माफी’ वाली अपील के बाद पी. चिदंबरम का तंज
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान के बाद राजनीति गरमा गई है।
- पीएम मोदी की अपील: प्रधानमंत्री ने एक वीडियो संदेश साझा करते हुए कहा था कि प्रदर्शन के दौरान उनके और उनकी दिवंगत माताजी के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। हालांकि, उन्होंने कहा कि ‘भटके हुए युवाओं’ को सजा देने के बजाय उन्हें सही रास्ता दिखाना और माफ कर देना चाहिए।
- चिदंबरम का पलटवार: पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने सोशल मीडिया मंच X (ट्विटर) पर पीएम से सीधा सवाल किया।
- क्या पूछा? चिदंबरम ने सवाल उठाया: “क्या माननीय प्रधानमंत्री ने भाजपा के उन ट्रोल्स को भी माफ कर दिया है, जो सरकार की आलोचना करने वाले सोशल मीडिया पोस्ट्स पर बेहद अभद्र और गंदे कमेंट्स करते हैं?”
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल आरोप लगा रहे हैं कि सत्ता पक्ष से जुड़े ट्रोल्स अक्सर विपक्षी नेताओं के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां करते हैं, जिन पर कोई कार्रवाई नहीं होती।


