फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमले की घटना में अब एक अहम जानकारी सामने आई है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि हमलावर ने कैप्टन पर कुल्हाड़ी से हमला किया था। शुरुआती रिपोर्टों में हमले के लिए चाकू का जिक्र किया गया था, लेकिन अब सामने आया है कि इस्तेमाल किया गया हथियार विमान में मौजूद ‘क्रैश एक्स’ हो सकता है। हालांकि, जांच पूरी होने तक हथियार को लेकर अंतिम आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
कॉकपिट में आखिर कुल्हाड़ी क्यों होती है?
यह सवाल इसलिए अहम है क्योंकि आमतौर पर विमान में कुल्हाड़ी होने की बात यात्रियों को पता नहीं होती। दरअसल, क्रैश एक्स कोई हथियार नहीं, बल्कि विमान का इमरजेंसी उपकरण है। इसे आपात स्थिति में विमान के अंदर छिपी आग तक पहुंचने और जरूरत पड़ने पर किसी हिस्से को काटकर रास्ता बनाने के लिए रखा जाता है।
विमान के अंदर कई इलेक्ट्रिकल वायरिंग, सर्किट और दूसरे उपकरण पैनल के पीछे होते हैं। अगर इन हिस्सों में आग लग जाए तो सामान्य तरीके से वहां पहुंचना मुश्किल हो सकता है। ऐसी स्थिति में प्रशिक्षित क्रू सदस्य क्रैश एक्स की मदद से पैनल को खोलकर आग तक पहुंच सकते हैं।
दुर्घटना की स्थिति में भी यह उपकरण काम आता है। अगर विमान का कोई हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के कारण रास्ता बंद हो जाए तो क्रू जरूरत के मुताबिक बाधा हटाने या वैकल्पिक रास्ता बनाने के लिए इसका इस्तेमाल कर सकता है। यानी इसका मूल उद्देश्य जान बचाना और आपात स्थिति से निपटना है, सुरक्षा हथियार के तौर पर इस्तेमाल करना नहीं।
हमले के बाद क्या हुआ?
30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट FZ1073 के कॉकपिट में कैप्टन स्मित मच्छार और को-पायलट के बीच हिंसक घटना हुई। रिपोर्टों के अनुसार, कैप्टन गंभीर रूप से घायल हुए और विमान अचानक तेजी से नीचे जाने लगा। इसी दौरान मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की, जिसके बाद यात्रियों और क्रू ने हमलावर को काबू किया।
इसके बाद विमान में मौजूद दो अन्य पायलटों ने कॉकपिट की कमान संभाली और फ्लाइट को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा। विमान में 170 से अधिक लोग सवार थे। रिपोर्टों के मुताबिक सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
नेतन्याहू ने की भारतीय पायलट की तारीफ
इस घटना के बाद नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छार ने प्रतिक्रिया दी और कॉकपिट का दरवाजा खुलने में मदद की, जिससे यात्रियों को अंदर पहुंचकर हमलावर को रोकने का मौका मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी भारतीय पायलट की बहादुरी की सराहना की है।
इस घटना ने विमानन सुरक्षा के सामने एक असामान्य सवाल भी खड़ा किया है—जिस उपकरण को आपात स्थिति में यात्रियों की जान बचाने के लिए रखा जाता है, अगर उसी का दुरुपयोग कॉकपिट के अंदर हो जाए तो सुरक्षा व्यवस्था को किस तरह मजबूत किया जाए। जांच में अब हमले के हथियार और घटना की पूरी परिस्थितियों की भी पड़ताल की जा रही है।


