अज्ञात हमलावरों के रहस्यमयी ‘अंडरकवर ऑपरेशंस’ ने पाकिस्तान के भीतर छिपे भारत विरोधी आतंकवादियों और उनके आकाओं की नींद उड़ा दी है। खुफिया रिपोर्टों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले कुछ समय में पाकिस्तान की सरजमीं पर कई खूंखार आतंकियों के अचानक मारे जाने के बाद वहां की सुरक्षा एजेंसियों में खलबली मच गई है। इस बढ़ते खतरे को देखते हुए पाकिस्तान सरकार ने लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के संस्थापक हाफिज सईद और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के प्रमुख मूलाना मसूद अजहर की सुरक्षा को अत्यधिक कड़ा कर दिया है।
खुफिया पुलिस और कमांडो तैनात
पाकिस्तान की जांच और सुरक्षा एजेंसियों को अंदेशा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय कुछ ‘अंडरकवर स्कॉड्स’ या अज्ञात हमलावर (Unknown Gunmen) इन दोनों ग्लोबल आतंकियों को अपना अगला निशाना बना सकते हैं।
- अभेद्य सुरक्षा घेरा: सूत्रों के अनुसार, इन आतंकियों के छिपने वाले ठिकानों (Safe Houses) के चारों तरफ चौबीसों घंटे सशस्त्र पुलिसकर्मियों और विशेष विंग के जवानों को तैनात किया गया है।
- सख्त निगरानी: ठिकानों के आसपास आने-जाने वाले हर संदिग्ध व्यक्ति पर कड़ी नजर रखी जा रही है और स्थानीय पुलिस के साथ-साथ सादे कपड़ों में खुफिया विभाग के अधिकारियों को भी तैनात किया गया है।
‘अज्ञात हमलावरों’ का बढ़ता खौफ
दरअसल, पिछले एक-दो वर्षों में पाकिस्तान के अलग-अलग शहरों (जैसे लाहौर, कराची और रावलपिंडी) में भारत के खिलाफ आतंकी साजिश रचने वाले कई बड़े चेहरों को अज्ञात बाइक सवार हमलावरों ने सरेआम गोलियों से भून दिया था। इन सुनियोजित हत्याओं का पैटर्न इतना सटीक था कि पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियां आज तक हमलावरों का सुराग नहीं लगा पाई हैं। इसी खौफ के कारण पाकिस्तानी रक्षा तंत्र अब हाफिज और मसूद अजहर को लेकर कोई कोताही नहीं बरतना चाहता।
वैश्विक दबाव और पाकिस्तान का दोहरा रवैया
एक तरफ जहां पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों (जैसे FATF या UN) के सामने यह दिखावा करता आया है कि उसने हाफिज सईद को जेल में रखा है और मसूद अजहर लापता है, वहीं दूसरी तरफ जमीन पर उनके लिए सरकारी स्तर की सुरक्षा मुहैया कराई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान के सैन्य-सुरक्षा प्रतिष्ठान के लिए ये आतंकी भारत के खिलाफ एक ‘छद्म युद्ध’ (Proxy War) का अहम जरिया हैं, यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद पाकिस्तान इन्हें सुरक्षित रखने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक रहा है।
इस नए सुरक्षा इंतजाम से यह एक बार फिर साफ हो गया है कि पाकिस्तान वैश्विक बिरादरी की आंखों में धूल झोंककर आतंकवाद के इन आकाओं को पूरी तरह से सरकारी संरक्षण दे रहा है।


