उत्तर प्रदेश के धार्मिक नगरी मथुरा से एक बेहद चौंकाने वाला और विवादित मामला सामने आया है। अपने भड़काऊ और विवादित बयानों के लिए अक्सर चर्चा में रहने वाले मौलाना जर्जिस अंसारी ने इस बार भगवान श्री कृष्ण को लेकर एक ऐसा दावा किया है, जिससे सनातन धर्म के अनुयायियों और आम जनता में भारी आक्रोश फैल गया है। मौलाना के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद लोग उनकी तुरंत गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
मौलाना जर्जिस अंसारी का विवादित दावा
वायरल हो रहे वीडियो में मौलाना जर्जिस अंसारी एक जनसभा या मजहबी तकरीर के दौरान मंच से बोलते नजर आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि सनातन धर्म में पूजनीय भगवान श्री कृष्ण वास्तव में एक मुस्लिम थे। मौलाना ने आगे कहा कि वह दिन में पांच बार नमाज पढ़ते थे और इस्लाम के सिद्धांतों का पालन करते थे। उनके इस अजीबोगरीब और ऐतिहासिक तथ्यों से परे दिए गए बयान ने धार्मिक भावनाओं को आहत किया है।
यह पहली बार नहीं है जब मौलाना जर्जिस पर इस तरह के आरोप लगे हैं; इससे पहले भी वह अपने भड़काऊ भाषणों और विभिन्न समुदायों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियों के लिए कानूनी कार्रवाई का सामना कर चुके हैं।
सोशल मीडिया पर फूटा जनता का गुस्सा
मौलाना का यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (जैसे एक्स और फेसबुक) पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। मथुरा सहित देश भर के हिंदू संगठनों और आम यूज़र्स ने इस बयान की कड़े शब्दों में निंदा की है।
- गिरफ्तारी की मांग: नेटिजन्स उत्तर प्रदेश पुलिस और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को टैग करते हुए मौलाना जर्जिस अंसारी को तुरंत गिरफ्तार करने और उन पर सख्त रासुका (NSA) लगाने की मांग कर रहे हैं।
- धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने का आरोप: लोगों का कहना है कि यह बयान जानबूझकर मथुरा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में धार्मिक सौहार्द को बिगाड़ने और दो समुदायों के बीच नफरत पैदा करने के इरादे से दिया गया है।
कानूनी कार्रवाई की तैयारी
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मथुरा के कुछ हिंदू संगठनों और संतों ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। मौलाना के खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने और शांति भंग करने के प्रयास के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।
मथुरा पुलिस का रुख: सोशल मीडिया पर बढ़ते तनाव को देखते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन अलर्ट पर है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो की जांच की जा रही है और कानून व्यवस्था को हाथ में लेने या धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए क्षेत्र में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।


