More
    HomeHindi NewsBusinessयूएई के तेल टैंकरों पर मिसाइल हमला, भारतीय नाविक की मौत, तेल...

    यूएई के तेल टैंकरों पर मिसाइल हमला, भारतीय नाविक की मौत, तेल की कीमतों में वैश्विक उछाल

    पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर पहुंच गया है. रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में ईरान द्वारा यूएई के तेल टैंकरों पर किए गए मिसाइल हमले और अमेरिकी सेना की जवाबी कार्रवाई ने वैश्विक स्तर पर खलबली मचा दी है. इस हिंसक टकराव के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर 84 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं.

    यूएई के तेल टैंकरों पर मिसाइल हमला, भारतीय नाविक की मौत

    ओमान की समुद्री सीमा के भीतर ईरान ने यूएई के दो तेल टैंकरों—’मोम्बासा’ (Mombasa) और ‘अल बहियाह’ (Al Bahiyah)—पर क्रूज मिसाइलों से बड़ा हमला किया है.

    • एक भारतीय की मौत: यूएई के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ‘मोम्बासा’ टैंकर पर तैनात एक भारतीय चालक दल के सदस्य की इस हमले में मौत हो गई है.
    • आठ घायल: हमले में चालक दल के आठ अन्य सदस्य घायल हुए हैं, जिनमें चार गंभीर रूप से जख्मी हैं. घायलों में छह भारतीय और दो यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं.
    • कड़ी निंदा: यूएई के विदेश मंत्रालय ने इसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का खुला उल्लंघन बताते हुए कड़े शब्दों में निंदा की है.

    अमेरिका का पलटवार और फिर से नाकेबंदी का एलान

    होर्मुज जलमार्ग में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को खतरे में देखते हुए अमेरिका ने ईरान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है:

    • सैनिक ठिकानों पर बमबारी: अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने होर्मुज के पास ईरान के मिसाइल लॉन्च पैड्स और एयर डिफेंस सिस्टम पर भीषण हवाई हमले किए हैं. बंदर अब्बास और केश्म द्वीप के पास लगातार धमाके सुने गए हैं.
    • फिर से नाकेबंदी (Blockade) का एलान: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलमार्ग पर नियंत्रण की बात दोहराते हुए ईरान के बंदरगाहों की दोबारा नौसैनिक नाकेबंदी करने का एलान किया है. ट्रंप का कहना है कि जलमार्ग की सुरक्षा अमेरिका करेगा और गुजरने वाले जहाजों से 20 फीसदी शुल्क लिया जाना चाहिए. वहीं, ईरान ने इस दावे को खारिज करते हुए खुद को होर्मुज का असली रक्षक बताया है.

    तेल की कीमतों में उछाल और वैश्विक संकट

    दुनिया का लगभग 20% तरल प्राकृतिक गैस (LNG) और 25% समुद्री तेल व्यापार इसी होर्मुज जलमार्ग से होकर गुजरता है.

    • महंगाई का खतरा: अमेरिकी और ईरानी सेनाओं के बीच इस नए टकराव और युद्धविराम (Ceasefire) टूटने से तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका बढ़ गई है.
    • कच्चा तेल $84 प्रति बैरल पार: अनिश्चितता के इस माहौल में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है. यदि यह गतिरोध लंबा खिंचता है, तो भारत सहित पूरी दुनिया में ईंधन की कीमतें आसमान छू सकती हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर महंगाई का एक नया दौर शुरू हो सकता है.

    RELATED ARTICLES

    Most Popular

    Recent Comments