पश्चिम एशिया (Middle East) में तनाव एक बार फिर बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर भारी बमबारी की है। अमेरिकी सेना का दावा है कि यह कार्रवाई ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) द्वारा रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में एक वाणिज्यिक जहाज पर किए गए घातक हमले का सीधा जवाब है।
इस ताजा सैन्य कार्रवाई के बाद दोनों देशों के बीच जून में हुआ अस्थायी संघर्षविराम (MoU) पूरी तरह टूट चुका है।
अमेरिकी हमले की मुख्य वजह: GFS गैलेक्सी पर हमला
अमेरिकी केंद्रीय कमान के अनुसार, ईरान पर हमलों की यह तीसरी बड़ी लहर एक ताज़ा समुद्री घटना के बाद शुरू हुई:
- कंटेनर जहाज पर हमला
- IRGC की नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे साइप्रस के ध्वज वाले कंटेनर जहाज M/V GFS Galaxy पर अंधाधुंध गोलीबारी और ड्रोन से हमला किया था। इस हमले के कारण जहाज के इंजन रूम में भीषण आग लग गई और वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो गया। जहाज पर मौजूद चालक दल का एक नागरिक सदस्य लापता बताया जा रहा है।
- अमेरिका का रुख: अमेरिकी रक्षा मंत्री (War Secretary) पीट हेगसेथ ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए सोशल मीडिया पर लिखा— “ईरान ने एक गलत फैसला लिया। अब उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ रही है।”
ईरान के किन हिस्सों को बनाया गया निशाना?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर रात लगभग 7:15 बजे (ET) यह बमबारी शुरू की गई। अमेरिका ने ईरान के भीतर लगभग 90 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है:
- तटीय बंदरगाह: दक्षिण ईरान में स्थित चाबहार, बुशहर और सिरिक के बंदरगाहों पर बने IRGC के ठिकानों को हवाई हमलों और मिसाइलों से नष्ट कर दिया गया।
- लॉजिस्टिक्स को चोट: इसके अलावा उत्तर-पूर्वी प्रांत गोलिस्तान में एक रेलवे पुल और मशहद की ओर जाने वाले दो प्रमुख पुलों को भी अमेरिकी वायुसेना ने ध्वस्त कर दिया है ताकि ईरानी सेना की सप्लाई लाइन काटी जा सके।
- हवाई रक्षा प्रणाली सक्रिय: अमेरिकी बमबारी शुरू होते ही तेहरान और अन्य प्रमुख ईरानी शहरों के ऊपर एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर दिया गया और पूरे देश में धमाकों की आवाजें गूंजती रहीं।
ईरान की जवाबी कार्रवाई: होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह बंद
अमेरिकी हमलों से भड़के ईरान ने तुरंत कड़ा पलटवार किया है, जिससे वैश्विक बाजारों और कच्चे तेल की सप्लाई चेन में हड़कंप मच गया है:
- समुद्री नाकेबंदी: IRGC ने घोषणा की है कि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य को “अगले आदेश तक अनिश्चित काल के लिए” सभी प्रकार के व्यावसायिक जहाजों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है। ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका इस क्षेत्र में अपना अवैध हस्तक्षेप बंद नहीं करता, नाकेबंदी जारी रहेगी।
- खाड़ी देशों पर दागी मिसाइलें: ईरान ने केवल रक्षात्मक रुख नहीं अपनाया, बल्कि बहरीन, कुवैत और कतर में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर जवाबी मिसाइलें दागीं। हमलों के बाद बहरीन में मिसाइल चेतावनी के सायरन भी गूंजने लगे।
वैश्विक संकट: होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से दुनिया के कुल कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के व्यापार का लगभग पांचवां (20%) हिस्सा ठप होने की कगार पर है। यदि यह टकराव लंबा खिंचा, तो भारत सहित पूरी दुनिया में ईंधन और एलपीजी (LPG) की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है।


