भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, देश के अधिकांश हिस्सों में मॉनसून की सक्रियता तेजी से बढ़ रही है। मौसम विभाग ने अगले एक हफ्ते (4 से 10 जुलाई) के दौरान देश के उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर राज्यों में व्यापक से लेकर अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना जताई है। इसके साथ ही कई राज्यों में आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का भी अलर्ट जारी किया गया है।
पंजाब, हरियाणा और दिल्ली-NCR: तेज हवाओं और आंधी का अलर्ट
मैदानी इलाकों में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी आंधी आ सकती है और तेज झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं।
पंजाब और चंडीगढ़ में मॉनसून काफी एक्टिव है, जहां कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जा रही है। वहीं हरियाणा में मॉनसून की रफ्तार फिलहाल थोड़ी सुस्त है, लेकिन मौसम विभाग ने यहाँ के कई जिलों में ‘यलो अलर्ट’ जारी करते हुए तेज हवाएं चलने और आने वाले दिनों में झमाझम बारिश की उम्मीद जताई है। दिल्ली-एनसीआर में भी बादल छाए रहने और मध्यम बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
झारखंड और पश्चिम बंगाल: मूसलाधार बारिश की चेतावनी
पूर्वी भारत के राज्यों में मॉनसून इस समय अपने चरम पर है। झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और ओडिशा में मौसम विभाग ने भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी (Heavy Rainfall Alert) जारी की है।
- झारखंड: राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश के साथ-साथ मध्यम से तीव्र गति से बिजली गिरने (Lightning Alert) की आशंका जताई गई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
- पश्चिम बंगाल और सिक्किम: इन राज्यों के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित हो सकता है। मौसम विभाग ने अगले 4-5 दिनों तक यहाँ मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहने की बात कही है।
- ओडिशा: ओडिशा के कई हिस्सों में ‘अत्यधिक भारी बारिश’ का अनुमान है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।
देश के अन्य हिस्सों का हाल: पहाड़ी राज्यों में लैंडस्लाइड का खतरा
उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों, विशेषकर हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। उत्तराखंड के उत्तरकाशी और केदारघाटी इलाकों से लैंडस्लाइड (भूस्खलन) और नदियों के जलस्तर बढ़ने की खबरें आ रही हैं, जिसके चलते चारधाम यात्रा मार्गों पर सतर्कता बढ़ा दी गई है।
दूसरी तरफ, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भी मॉनसून पूरी तरह सक्रिय है। छत्तीसगढ़ में भारी बारिश के कारण कई रिहायशी इलाकों और घरों में पानी घुसने की खबरें हैं, जबकि राजस्थान के जयपुर, कोटा और भरतपुर संभागों में अगले कुछ दिनों तक अतिभारी बारिश की आशंका जताई गई है। बिहार में मॉनसून फिलहाल थोड़ा कमजोर है, लेकिन वहां भी आने वाले दिनों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।


