ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता (Supreme Leader) आयतल्लाह अली खामेनेई के राजकीय जनाजे (अंतिम संस्कार) की रस्मों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने वैश्विक स्तर पर नया विवाद खड़ा कर दिया है। अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस (America 250) के मौके पर साउथ डकोटा के माउंट रशमोर (Mount Rushmore) में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए ट्रंप ने ईरान पर तीखा तंज कसा।
ट्रंप ने मुस्कुराते हुए भीड़ से कहा, “हमने ईरान की हालत खराब कर दी है। वे समझौता करने के लिए मरे जा रहे हैं। चूंकि हम अमेरिकी लोग अच्छे हैं, इसलिए हमने उन्हें जनाजे के लिए एक हफ्ते की मोहलत (week off) दे दी है।” ट्रंप के इस मजाकिया लहजे पर वहां मौजूद अमेरिकी भीड़ ने जमकर ठहाके लगाए और तालियां बजाईं।
युद्ध के कारण महीनों टला खामेनेई का जनाजा
गौरतलब है कि आयतल्लाह अली खामेनेई इस साल 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमले (ऑपरेशन एपिक फ्यूरी) में मारे गए थे। इस हमले में उनके परिवार के कई अन्य सदस्य भी मारे गए थे।
इस्लामिक परंपराओं के मुताबिक शव को 24 घंटे के भीतर दफनाया जाना जरूरी होता है, लेकिन अमेरिका-इजरायल के साथ जारी भीषण युद्ध और सुरक्षा कारणों से ईरान सरकार को यह अंतिम संस्कार महीनों के लिए टालना पड़ा। पिछले महीने दोनों पक्षों के बीच एक अंतरिम युद्धविराम (temporary truce) और शांति वार्ता पर सहमति बनने के बाद ही अब इस छह दिवसीय राजकीय अंत्येष्टि का आयोजन संभव हो सका है।
तेहरान में भारी सुरक्षा और “अमेरिका से बदला” के नारे
एक तरफ जहां ट्रंप अमेरिका में इसका मजाक उड़ा रहे थे, वहीं दूसरी तरफ ईरान की राजधानी तेहरान के ‘ग्रांड मुसल्ला’ में माहौल बेहद गमगीन और तनावपूर्ण था।
- कांच के ताबूत में शव: खामेनेई के पार्थिव शरीर को एक विशेष कांच के ताबूत में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है, जिसके ऊपर उनकी पारंपरिक काली पगड़ी रखी गई है।
- लाखों की भीड़: ईरानी अधिकारियों का अनुमान है कि इस ऐतिहासिक जनाजे में 1.5 से 2 करोड़ लोग शामिल हो सकते हैं।
- बदले की गूंज: काले कपड़े पहने और हाथों में लाल झंडे (जो शहादत और बदले का प्रतीक हैं) लिए लाखों की भीड़ छाती पीटकर रो रही है और लगातार “अमेरिका मुर्दाबाद” तथा “बदला, बदला” के नारे लगा रही है।
- विदेशी प्रतिनिधिमंडल: खामेनेई को श्रद्धांजलि देने के लिए रूस के दिमित्री मेदवेदेव के अलावा चीन, भारत और पाकिस्तान जैसे देशों के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी तेहरान पहुंचे हैं।
जल्द शुरू हो सकती है वार्ता
ट्रंप ने अपने भाषण में दावा किया कि ईरान इस समय चौतरफा दबाव में है और वाशिंगटन के साथ बातचीत की मेज पर आने के लिए बेहद उत्सुक है। कतरी और पाकिस्तानी मध्यस्थों के अनुसार, खामेनेई के इस 6 दिनों के राष्ट्रीय शोक और दफन प्रक्रिया (जो 9 जुलाई को मशहद में संपन्न होगी) के ठीक बाद, आगामी मंगलवार को कतर की राजधानी दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच नए सिरे से शांति वार्ता शुरू हो सकती है।


