वाशिंगटन और नई दिल्ली के बीच कूटनीतिक संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ बनाने की दिशा में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिकी विदेश मंत्री (Secretary of State) मार्को रुबियो ने पुष्टि की है कि ट्रंप प्रशासन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा को लेकर सक्रिय रूप से काम कर रहा है। रुबियो के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप अगले साल (2027) की शुरुआत में भारत का दौरा कर सकते हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री ने भारत को वाशिंगटन के सबसे करीबी और महत्वपूर्ण रणनीतिक भागीदारों में से एक बताते हुए दोनों देशों के संबंधों की जमकर सराहना की है।
भारत-अमेरिका कूटनीतिक रोडमैप
| मुख्य पहलू | विवरण और आगामी योजना |
|---|---|
| प्रस्तावित दौरा | अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का अगले साल (2027) की शुरुआत में भारत दौरा संभावित। |
| द्विपक्षीय व्यापार समझौता | भारत-अमेरिका ऐतिहासिक व्यापार समझौते (Trade Deal) को अंतिम रूप देने के बेहद करीब। |
| तैयारी बैठक | राष्ट्रपति के दौरे की पृष्ठभूमि तैयार करने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो इस साल के अंत तक फिर आ सकते हैं भारत। |
मोदी-ट्रंप की व्यक्तिगत केमिस्ट्री कूटनीतिक मजबूती का आधार
वाइट हाउस में दिए एक विशेष साक्षात्कार में विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत-अमेरिका संबंधों के सकारात्मक रुख पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच के व्यक्तिगत और घनिष्ठ संबंध वैश्विक कूटनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों नेताओं के बीच हाल ही में जी-7 शिखर सम्मेलन (G7 Summit) के इतर हुई बैठक के बाद द्विपक्षीय संबंधों को एक नई गति मिली है।
गौरतलब है कि राष्ट्रपति के रूप में अपने पिछले कार्यकाल के दौरान डोनाल्ड ट्रंप फरवरी 2020 में भारत आए थे, जहां उन्होंने अहमदाबाद में पीएम मोदी के साथ ऐतिहासिक ‘नमस्ते ट्रंप’ रैली को संबोधित किया था। दोबारा सत्ता में लौटने के बाद से ही दोनों नेता लगातार संपर्क में हैं।
व्यापार समझौते और क्वाड पर बड़ा फोकस
अमेरिकी विदेश मंत्री ने संकेत दिया कि दोनों देश लंबे समय से लंबित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के बिल्कुल अंतिम चरण में हैं। कुछ समय पहले टैरिफ नीतियों और कानूनी चुनौतियों के कारण वार्ताओं में आई सुस्ती के बाद, हाल ही में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि की नई दिल्ली यात्रा से इस दिशा में सकारात्मक प्रगति हुई है।
रणनीतिक साझेदारी: मार्को रुबियो ने स्पष्ट किया कि भारत हिंद-प्रशांत क्षेत्र (Indo-Pacific Region) में अमेरिकी नीतियों का मुख्य स्तंभ है। दोनों देश जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ मिलकर ‘क्वाड’ (Quad) गठबंधन के जरिए क्षेत्रीय सुरक्षा, लचीली सप्लाई चेन, क्रिटिकल इमर्जिंग टेक्नोलॉजी और समुद्री सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर सहयोग को लगातार विस्तार दे रहे हैं।
यह दौरा न केवल व्यापार और रक्षा बल्कि रक्षा तकनीकी सहयोग और वैश्विक भू-राजनीतिक स्थिरता के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण साबित होने वाला है।


