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    TMC में गहराया विभाजन का संकट, पूर्व मंत्री जेपी मल्लिक ने दिया इस्तीफा

    पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर जारी घमासान के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को एक और बड़ा झटका लगा है। ममता बनर्जी के बेहद करीबी और राज्य के पूर्व मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक (जेपी मल्लिक) ने शुक्रवार (19 जून 2026) को पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है।

    यह इस्तीफा ऐसे समय पर आया है जब टीएमसी अपने इतिहास के सबसे बड़े आंतरिक संकट और विभाजन से गुजर रही है। जेपी मल्लिक ने अपने इस फैसले के पीछे खराब स्वास्थ्य (Poor Health) का हवाला दिया है।

    मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हाल ही में पार्टी के भीतर बढ़ती दरार को पाटने और संतुलन बनाने के लिए टीएमसी का एक बड़ा संगठनात्मक फेरबदल किया था। इस फेरबदल में दीदी ने जेपी मल्लिक पर भरोसा जताते हुए उन्हें पार्टी की नवगठित वर्किंग कमेटी (Working Committee) में शामिल कर एक अहम जिम्मेदारी सौंपी थी, लेकिन उनके इस अचानक इस्तीफे ने नेतृत्व की चिंताओं को और बढ़ा दिया है।

    राजनीतिक सफर और विवाद

    • ममता के पुराने सहयोगी: ज्योतिप्रिय मल्लिक (जिन्हें राजनीति में ‘बालू’ के नाम से भी जाना जाता है) पिछले दो दशकों से उत्तर 24 परगना जिले में टीएमसी के सबसे मजबूत स्तंभ और संगठनकर्ता रहे हैं।
    • मंत्रालय का अनुभव: वे साल 2011 से 2021 तक पश्चिम बंगाल सरकार में खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री (Food and Supplies Minister) जैसी महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं।
    • राशन घोटाला और गिरफ्तारी: अक्टूबर 2023 में उनके राजनीतिक करियर को तब बड़ा झटका लगा, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कथित राशन वितरण घोटाले के सिलसिले में उन्हें गिरफ्तार किया था। हिरासत के दौरान भी वे लगातार खराब स्वास्थ्य की शिकायत करते रहे थे। इसके अलावा, हालिया 2026 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हाबरा सीट से हार का सामना भी करना पड़ा था।

    TMC में गहराया विभाजन का संकट

    जेपी मल्लिक का यह इस्तीफा उस समय हुआ है जब टीएमसी के भीतर की बगावत खुलकर सामने आ चुकी है:

    विधानसभा और संसद में फूट: पश्चिम बंगाल विधानसभा में टीएमसी के 58 बागी विधायकों ने रितब्रत बनर्जी के नेतृत्व में अलग गुट बना लिया है, जिसे स्पीकर ने मान्यता भी दे दी है। वहीं संसद में भी करीब 20 बागी सांसदों ने पार्टी नेतृत्व से दूरी बना ली है, जिससे ममता बनर्जी के विधायी नियंत्रण पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है।

    ज्योतिप्रिय मल्लिक ने नेतृत्व को अपना इस्तीफा भेजते हुए स्पष्ट किया, “मैंने अपने बेहद खराब स्वास्थ्य के कारण टीएमसी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है और इसकी जानकारी पार्टी नेतृत्व को दे दी है।” हालांकि, राजनीतिक विश्लेषक इस इस्तीफे को पार्टी के मौजूदा आंतरिक संकट और उनके खुद के गिरते राजनीतिक ग्राफ से भी जोड़कर देख रहे हैं।

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