कश्मीर घाटी को लद्दाख से हर मौसम में जोड़े रखने के लिए बनाई जा रही ऐतिहासिक ‘जोजिला टनल’ (Zoji-la Tunnel) परियोजना ने एक और बड़ा मील का पत्थर पार कर लिया है। यह टनल एशिया की सबसे लंबी द्वि-दिशात्मक (Bi-directional) सुरंग है, जिसके पूरी तरह चालू होने के बाद श्रीनगर और लेह के बीच का सफर न सिर्फ बेहद आसान हो जाएगा, बल्कि समय की भी भारी बचत होगी। जोजिला दर्रे (Zoji-la Pass) को पार करने में जहां वाहन चालकों को एक घंटे से अधिक का समय लगता था, वहीं अब यह सफर महज 15 मिनट में पूरा हो सकेगा। सुरंग के दोनों छोर अंतिम सफल विस्फोट के साथ ही आपस में जुड़ गए हैं, जिससे परियोजना के निर्माण कार्य में एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हो गया है। इस ऐतिहासिक पल के केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी साक्षी बने।
जोजिला टनल की मुख्य विशेषताएं और बनावट
यह सुरंग इंजीनियरिंग का एक अद्भुत नमूना है, जिसे बेहद जटिल भौगोलिक परिस्थितियों में तैयार किया जा रहा है।
- लंबाई और ऊंचाई: जोजिला सुरंग की कुल लंबाई 14.15 किलोमीटर है। यह समुद्र तल से लगभग 11,575 फीट की अत्यधिक ऊंचाई पर स्थित है।
- कनेक्टिविटी: यह टनल श्रीनगर-कारगिल-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-1) पर बालटाल (सोनमर्ग) को लद्दाख के द्रास क्षेत्र में मीनामर्ग से जोड़ेगी।
- स्मार्ट टनल फीचर्स: सुरक्षा के लिहाज से यह एक ‘स्मार्ट टनल’ है, जिसमें पूरी लंबाई में सीसीटीवी कैमरे, आधुनिक अग्निशामक प्रणाली, ऑटोमैटिक लाइटिंग, आपातकालीन कॉलिंग विंडो और हर 750 मीटर पर वेंटिलेशन सिस्टम जैसी सुविधाएं दी गई हैं।
देश को मिलने वाले बड़े फायदे
जोजिला टनल के निर्माण से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के आर्थिक, सामाजिक और सामरिक परिदृश्य में अभूतपूर्व बदलाव आएगा।
- हर मौसम में संपर्क (All-Weather Connectivity): वर्तमान में, भारी बर्फबारी और हिमस्खलन (Avalanches) के कारण जोजिला दर्रा सर्दियों में लगभग 5 से 6 महीने के लिए पूरी तरह बंद रहता है, जिससे लद्दाख का संपर्क देश के बाकी हिस्सों से कट जाता है। यह टनल साल के 365 दिन कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगी।
- सामरिक और सैन्य महत्व: चीन और पाकिस्तान की सीमाओं से सटे होने के कारण लद्दाख का यह इलाका भारतीय सेना के लिए बेहद संवेदनशील है। सर्दियों में भी सेना के जवानों, हथियारों, राशन और भारी सैन्य साजो-सामान (Logistics) की निर्बाध आपूर्ति के लिए यह सुरंग गेम-चेंजर साबित होगी।
- पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा: ऑल-वेदर रोड कनेक्टिविटी होने से कारगिल और लेह-लद्दाख में पर्यटन को नए पंख लगेंगे। सर्दियों के मौसम में भी आवश्यक वस्तुओं की किल्लत नहीं होगी और स्थानीय व्यवसायों को मजबूती मिलेगी।
जोजिला दर्रे का खतरनाक सफर, जो अपनी संकरी सड़कों और अचानक होने वाली बर्फबारी के लिए जाना जाता है, अब इस सुरंग के जरिए इतिहास बनने जा रहा है। भारत सरकार और राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम (NHIDCL) इस रणनीतिक परियोजना को जल्द से जल्द पूरी तरह चालू करने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रहे हैं।


