दक्षिण-पश्चिम मानसून के तेजी से आगे बढ़ने के साथ ही देश में मौसम की दो अलग-अलग तस्वीरें देखने को मिल रही हैं। जहां एक तरफ दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत के बड़े हिस्से मूसलाधार बारिश की चपेट में हैं, वहीं उत्तर-पश्चिम भारत के कई इलाकों में अभी भी गर्मी का प्रकोप बना हुआ है। हालांकि, मौसम विभाग (IMD) ने अब उत्तर भारत के मैदानी व पहाड़ी राज्यों में भी भारी बारिश, आंधी-तूफान और गरज-चमक की चेतावनी जारी की है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
दक्षिण भारत में मानसून का तांडव, केरल में रेड अलर्ट
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून अगले दो से तीन दिनों में महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, गोवा और पूर्वोत्तर के बाकी हिस्सों की तरफ तेजी से आगे बढ़ेगा।
- केरल में रेड अलर्ट: केरल और माहे में अत्यधिक भारी बारिश की आशंका को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है। यहां कुछ स्थानों पर 204.5 मिलीमीटर से अधिक बारिश होने का अनुमान है।
- तटीय इलाके: तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु और पुडुचेरी में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
दिल्ली-यूपी समेत उत्तर भारत में बारिश के आसार
मौसम विभाग के मुताबिक, 12 जून तक उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा:
- मैदानी इलाके: दिल्ली-एनसीआर, पूर्वी व पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ और राजस्थान में 12 जून तक अलग-अलग स्थानों पर छिटपुट से लेकर व्यापक बारिश की संभावना है। इस दौरान 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी अधिकतम गति 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
- पहाड़ी क्षेत्र: जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 11-12 जून तक हल्की से भारी बारिश हो सकती है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और मैदानी हिस्सों में ओलावृष्टि (Hailstorm) की भी आशंका है।
मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत का हाल
- आंधी-तूफान का अलर्ट: बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, ओडिशा और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान और गरज-चमक का अनुमान है।
- पूर्वोत्तर में ऑरेंज अलर्ट: असम और मेघालय में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। इन राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश (115.6 से 204.4 मिलीमीटर तक) की चेतावनी जारी करते हुए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।
मौसम विभाग का निष्कर्ष है कि मानसून अब देश के अधिकांश हिस्सों को अपनी चपेट में लेने के लिए आगे बढ़ रहा है, जिससे आने वाले दिनों में उत्तर भारत में गर्मी का असर कम होगा और बारिश की गतिविधियां और तेज होंगी।


