देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। इस साल भीषण गर्मी के लिए जाना जाने वाला ‘नौतपा’ (Rohini Nakshatra का शुरुआती 9 दिन का समय) पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के असर से पूरी तरह बेअसर साबित हुआ है। 2 जून को इस साल का ‘नौतपा’ खत्म हो रहा है। वैसे तो नौतपा के दौरान भीषण गर्मी और लू (Heatwave) का प्रकोप रहता है, लेकिन इस बार पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण उत्तर और मध्य भारत के लोगों को तपती धूप से काफी राहत मिली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून की प्रगति के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं और अगले 2 से 3 दिनों में इसके केरल और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में दस्तक देने की उम्मीद है।
मौसम में आए इस बड़े बदलाव के प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:
1. मानसून की दस्तक और अल नीनो का प्रभाव
- केरल में आगमन: आमतौर पर मानसून 1 जून को केरल पहुंच जाता है, लेकिन इस बार अल नीनो (El Nino) के प्रभाव के कारण इसमें थोड़ी देरी हुई है। अब यह अगले 48 से 72 घंटों में केरल के तटों से टकरा सकता है।
- तटीय इलाकों में प्री-मानसून: महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के तटीय क्षेत्रों में मानसून पूर्व (Pre-monsoon) बारिश शुरू हो चुकी है। आईएमडी का अनुमान है कि 15 जुलाई तक मानसून पूरे देश को कवर कर लेगा।
2. उत्तर भारत में धूल भरी आंधी और ओलावृष्टि
- दिल्ली-एनसीआर और यूपी में अलर्ट: उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जबकि बुधवार से एक नया सिस्टम भी बन रहा है। इसके प्रभाव से 5 जून तक दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में 40 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, धूल भरी आंधी आने और ओलावृष्टि की संभावना है।
- तापमान में गिरावट: दिल्ली में सोमवार को अधिकतम तापमान सामान्य से 3.7 डिग्री नीचे गिरकर 36.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिसने लोगों को झुलसाने वाली गर्मी से बड़ी राहत दी है।
आईएमडी का पूर्वानुमान (2 जून 2026): अगले 2-3 दिनों में अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से उठने वाली मानसूनी हवाएं तेजी से आगे बढ़ेंगी, जिससे केरल, तमिलनाडु और तटीय आंध्र प्रदेश में भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की उम्मीद है।
3. गुजरात के अहमदाबाद में अचानक बदला मौसम
गुजरात के अहमदाबाद शहर में भी मौसम ने अचानक करवट ली है। शहर के कई हिस्सों में कड़कती बिजली और तेज आंधी के साथ हल्की बारिश दर्ज की गई है। इस अचानक हुए बदलाव से तापमान में भारी गिरावट आई है और स्थानीय लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली है।
मौसम विभाग ने पहाड़ी राज्यों के लिए भी चेतावनी जारी की है, जिसके तहत 6 जून को जम्मू-कश्मीर से लेकर उत्तराखंड तक गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान लगाया गया है। किसानों और आम लोगों को आंधी-तूफान के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।


