सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे व्यंग्यात्मक डिजिटल आंदोलन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) को लेकर देश में सियासी बहस छिड़ गई है। जहां केंद्र की सत्ताधारी भाजपा इस डिजिटल अभियान के पीछे देश को “अस्थिर” करने वाली विदेशी ताकतों का हाथ होने का संदेह जता रही है, वहीं उसकी प्रमुख सहयोगी पार्टी तेलुगु देशम पार्टी (TDP) ने अलग और चौंकाने वाला रुख अपनाया है।
टीडीपी ने इस अभियान को केवल इंटरनेट मजाक या राजनीति न मानकर युवाओं की वास्तविक नाराजगी और उनकी आकांक्षाओं की आवाज बताया है।
आंध्र प्रदेश टीडीपी के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक पल्ला श्रीनिवास राव ने इस ट्रेंड पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “यह कोई सामान्य राजनीति नहीं है, बल्कि यह युवाओं की आकांक्षाओं और चिंताओं को दर्शाने वाला एक सोशल मीडिया आंदोलन है। नीति निर्माताओं (Policymakers) को इसे बेहद गंभीरता से लेना चाहिए।”
टीडीपी नेताओं और सहयोगियों का मानना है कि युवाओं को केवल प्रतिबंधित करके चुप नहीं कराया जा सकता। रोजगार के अवसरों की कमी, नीट (NEET) पेपर लीक जैसी हालिया घटनाओं और कुछ सार्वजनिक बयानों के कारण युवाओं के एक बड़े वर्ग में भारी हताशा और नाराजगी है। टीडीपी ने स्पष्ट किया कि एनडीए के सहयोगी के रूप में वे युवाओं की इन चिंताओं और उम्मीदों को सरकार के नीति निर्माताओं तक जरूर पहुंचाएंगे। हालांकि, उन्होंने युवाओं को सोशल मीडिया पर बाहरी ताकतों के प्रभाव से सावधान रहने की सलाह भी दी।
क्या है ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP)?
यह पूरा विवाद हाल ही में कोर्ट की एक सुनवाई के दौरान कथित तौर पर युवाओं के लिए इस्तेमाल किए गए कुछ कड़े शब्दों (जैसे ‘कॉकरोच’ और ‘पैरासाइट’) के बाद शुरू हुआ。 हालांकि बाद में इस पर स्पष्टीकरण भी आया, लेकिन देश के युवाओं (Gen Z और मिलेनियल्स) ने इस ‘कॉकरोच’ शब्द को एक प्रतीक (Badge of Honor) बना लिया।
अभिजीत दिपके नाम के एक युवक द्वारा शुरू किए गए इस व्यंग्यात्मक अभियान ने इंटरनेट पर ऐसी सुनामी ला दी कि महज कुछ ही दिनों में इसके सोशल मीडिया अकाउंट्स और वेबसाइट्स से करोड़ों युवा जुड़ गए। इसके फॉलोअर्स की संख्या देश की बड़ी-बड़ी मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टियों से भी ज्यादा हो गई।
सरकार का एक्शन और विपक्ष का हमला
इस आंदोलन की अप्रत्याशित रफ्तार को देखते हुए केंद्र सरकार ने हाल ही में इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के इनपुट्स और राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए इसके मुख्य ‘X’ (ट्विटर) हैंडल और आधिकारिक वेबसाइट को ब्लॉक कर दिया है।
सरकार के इस कदम पर विपक्ष (कांग्रेस और अन्य दल) ने तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि सरकार युवाओं की बेरोजगारी और नाराजगी के मुद्दों को हल करने के बजाय उनकी आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है।


