मध्य प्रदेश के भोपाल में हुई 33 वर्षीय कॉर्पोरेट पेशेवर और मॉडल त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आश्वासन के बाद मध्य प्रदेश गृह विभाग ने इस हाईप्रोफाइल मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपने की औपचारिक सिफारिश केंद्र सरकार से कर दी है। इससे पहले इस संवेदनशील मामले की जांच भोपाल पुलिस की एक विशेष जांच टीम (SIT) कर रही थी।
क्या है पूरा मामला?
उत्तर प्रदेश के नोएडा की रहने वाली त्विषा शर्मा की शादी करीब पांच महीने पहले भोपाल के रहने वाले अधिवक्ता समर्थ सिंह से हुई थी। गत 12 मई 2026 की रात भोपाल के कटारा हिल्स क्षेत्र स्थित उनके ससुराल में त्विषा का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला था। त्विषा के परिजनों ने इसे सामान्य आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए ससुराल पक्ष पर गंभीर चोटें पहुंचाने और हत्या का आरोप लगाया था। परिजनों का दावा है कि शादी के बाद से ही उसे दहेज के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था।
हाईप्रोफाइल आरोपियों पर FIR और कार्रवाई
परिजनों की शिकायत और प्राथमिक जांच के बाद भोपाल पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2) (दहेज मृत्यु) के तहत मामला दर्ज किया है। इस मामले में दो मुख्य आरोपी हैं:
- समर्थ सिंह (पति): पेशे से वकील समर्थ सिंह घटना के बाद से ही फरार हैं। कोर्ट से उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज हो चुकी है और पुलिस ने उन पर 10,000 रुपये का इनाम घोषित किया है।
- गिरिबाला सिंह (सास): वह सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश हैं और वर्तमान में भोपाल जिला उपभोक्ता फोरम (बेंच-2) की अध्यक्ष हैं। हालांकि उन्हें अदालत से अग्रिम जमानत मिल चुकी है, लेकिन मध्य प्रदेश सरकार ने उनके खिलाफ प्रशासनिक जांच शुरू कर दी है और उन्हें पद से हटाने के लिए राज्यपाल को पत्र भी लिखा गया है।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद लिया गया निर्णय
त्विषा के पिता नवनिधि शर्मा और सेना के कई पूर्व अधिकारियों (ब्रिगेडियर रैंक सहित) ने मंत्रालय में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की थी और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई थी। परिजनों ने स्थानीय पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर असंतोष जताया था। मुख्यमंत्री ने परिवार को पूर्ण न्याय का भरोसा देते हुए तुरंत सीबीआई जांच की सिफारिश करने के निर्देश जारी किए। इसके अतिरिक्त, शव का दोबारा पोस्टमार्टम दिल्ली एम्स (AIIMS) में कराने को लेकर भी कानूनी प्रक्रिया चल रही है।


