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ऑपरेशन सिंदूर: तबाही की वह रात, जब 100 से अधिक आतंकियाें का हुआ सफाया

भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के इतिहास में 7 मई 2025 की तारीख एक नए ‘टर्निंग पॉइंट’ के रूप में दर्ज हो गई है। आज इस सैन्य कार्रवाई को एक साल पूरा हो गया है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) के जरिए भारत ने न केवल सीमा पार बैठे 100 से अधिक आतंकियों का सफाया किया, बल्कि पाकिस्तान की सैन्य अकड़ को भी पूरी तरह तोड़ दिया।

​यहाँ इस ऑपरेशन की पूरी टाइमलाइन और रोमांचक विवरण दिया गया है:

​बदले की आग: पहलगाम हमला

​इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत 22 अप्रैल 2025 को हुई, जब जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) के आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाया। इस बर्बर हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई। पूरे देश में गुस्से की लहर थी और सरकार पर जवाबी कार्रवाई का भारी दबाव था।

​भारत ने रक्षात्मक रुख छोड़कर आक्रामक नीति अपनाई और 7 मई 2025 की रात को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ लॉन्च किया।

  • ​सटीक स्ट्राइक: भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना ने एक साथ मिलकर पाकिस्तान और PoK में स्थित 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया।
  • ​100+ आतंकियों का अंत: इस ऑपरेशन में 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए। इनमें IC-814 हाईजैकिंग और पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड जैसे हाई-वैल्यू टारगेट (यूसुफ अजहर और अब्दुल मलिक रउफ) भी शामिल थे।
  • ​युद्ध की कगार: भारत की इस कार्रवाई से पाकिस्तान बौखला गया। सीमा पर भारी गोलाबारी शुरू हो गई और पाकिस्तानी सेना ने भारतीय हवाई क्षेत्र का उल्लंघन करने की कोशिश की, जिससे स्थिति पूर्ण युद्ध (Full-scale War) की ओर बढ़ती दिखी।

​सिंधु जल संधि और कूटनीतिक प्रहार

​भारत ने केवल सैन्य स्तर पर ही नहीं, बल्कि आर्थिक और कूटनीतिक मोर्चे पर भी पाकिस्तान की कमर तोड़ दी।

  1. ​सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty): भारत ने इस ऐतिहासिक संधि को स्थगित कर दिया, जिससे पाकिस्तान में पानी का संकट खड़ा हो गया।
  2. ​वीजा पाबंदी: पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा सेवाएं निलंबित कर दी गईं और मौजूदा वीजा रद्द कर दिए गए।

​ऑपरेशन महादेव: अंतिम प्रहार

​जहाँ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने सीमा पार के आकाओं को खत्म किया, वहीं ‘ऑपरेशन महादेव’ के जरिए कश्मीर के अंदर छिपे पहलगाम हमले के मुख्य दोषियों (सुलेमान उर्फ फैजल जट्ट, हमजा अफगानी और जिब्रान) को 93 दिनों की तलाश के बाद मार गिराया गया।

​’ऑपरेशन सिंदूर’ ने दुनिया को संदेश दिया कि भारत अब केवल कड़े शब्दों में निंदा नहीं करता, बल्कि घर में घुसकर हिसाब चुकता करता है। पाकिस्तान के लिए यह एक ऐसी तबाही थी जिसने उसकी रणनीतिक सोच को हिलाकर रख दिया।

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