पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के लिए जारी मतगणना ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है। सुबह 11 बजे तक के रुझानों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने न केवल बढ़त बनाई है, बल्कि वह बहुमत के जादुई आंकड़े को पार करती दिख रही है। 293 सीटों (एक सीट पर मतदान स्थगित) के लिए हो रही इस गिनती में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) को बड़ा झटका लगा है।
रुझानों के प्रमुख आंकड़े (सुबह 11:20 बजे तक)
| पार्टी | बढ़त/जीत |
|---|---|
| भारतीय जनता पार्टी (BJP) | 167 |
| तृणमूल कांग्रेस (TMC) | 116 |
| कांग्रेस | 05 |
| वाम मोर्चा (Left) | 02 |
| अन्य | 03 |
भवानीपुर और नंदीग्राम: ममता बनर्जी के लिए बड़ी चुनौती
सबसे चौंकाने वाली खबर मुख्यमंत्री के अपने गढ़ भवानीपुर से आ रही है। भाजपा के सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ बढ़त बना ली है। 11 बजे के आसपास सुवेंदु करीब 1,558 वोटों से आगे चल रहे थे। इसके अलावा नंदीग्राम सीट पर भी सुवेंदु अधिकारी ने अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी है, जो TMC के लिए एक चिंताजनक संकेत है।
ममता सरकार के दिग्गजों की साख दांव पर
रुझानों में न केवल मुख्यमंत्री, बल्कि उनके मंत्रिमंडल के कई वरिष्ठ सहयोगी भी पिछड़ते नजर आ रहे हैं:
- फिरहाद हकीम: कोलकाता पोर्ट सीट से कड़े मुकाबले में फंसे हुए हैं।
- सुजीत बोस: रुझानों में पीछे चल रहे हैं।
- आसनसोल उत्तर: कानून मंत्री मलय घटक करीब 6,500 वोटों से पीछे हैं।
- मानिकतला: भाजपा के तापस राय ने यहाँ अच्छी बढ़त बनाई है।
TMC खेमे में मायूसी, भाजपा में जश्न का माहौल
रुझान जैसे-जैसे भाजपा के पक्ष में एकतरफा होते जा रहे हैं, कोलकाता स्थित तृणमूल भवन में सन्नाटा पसर गया है। पार्टी कार्यकर्ताओं में निराशा देखी जा रही है, जो कुछ ही घंटे पहले तक जीत के नारे लगा रहे थे। दूसरी ओर, भाजपा के प्रदेश कार्यालय में समर्थकों ने ‘जय श्री राम’ के नारों के साथ जश्न मनाना शुरू कर दिया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह रुझान अंतिम नतीजों में तब्दील होते हैं, तो यह बंगाल के इतिहास में एक बड़े सत्ता परिवर्तन का गवाह बनेगा। राज्य में 92.47% की रिकॉर्ड तोड़ वोटिंग हुई थी, जिसका परिणाम अब स्पष्ट रूप से बदलाव की ओर इशारा कर रहा है।
अभी मतगणना जारी है और अंतिम परिणाम आने तक इन आंकड़ों में बदलाव संभव है। चुनाव आयोग के अनुसार, 293 सीटों पर 77 केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच गिनती हो रही है।


