आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसदों की बगावत के बीच दिल्ली की राजनीति में ‘शीशमहल’ विवाद एक बार फिर गरमा गया है। भाजपा नेता प्रवेश वर्मा द्वारा अरविंद केजरीवाल के नए आवास (95 लोधी स्टेट) की कथित तस्वीरें और लेआउट साझा किए जाने के बाद दिल्ली सरकार की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने भाजपा के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे एक सोची-समझी साजिश करार दिया है।
“तस्वीरें फर्जी और मनगढ़ंत”
आतिशी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा द्वारा दिखाई जा रही तस्वीरें और वीडियो पूरी तरह से फर्जी हैं। उन्होंने कहा, “भाजपा जब भी राजनीतिक रूप से हारने लगती है, तो वह झूठ का सहारा लेती है। प्रवेश वर्मा जो तस्वीरें दिखा रहे हैं, उनका अरविंद केजरीवाल के घर से कोई लेना-देना नहीं है। यह केवल जनता को गुमराह करने और मुख्यमंत्री की छवि खराब करने की कोशिश है।”
“मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश”
आतिशी ने आरोप लगाया कि भाजपा इस समय ‘आप’ के सांसदों के दलबदल और अन्य राजनीतिक मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस पुराने और घिसे-पिटे ‘शीशमहल’ विवाद को दोबारा हवा दे रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अरविंद केजरीवाल का नया आवास पूरी तरह से नियमों के तहत आवंटित किया गया है और उसमें कोई भी अतिरिक्त विलासिता नहीं जोड़ी गई है।
राजनीतिक घमासान का असर
यह वाकयुद्ध ऐसे समय में हो रहा है जब दिल्ली और पंजाब में आम आदमी पार्टी बड़े संगठनात्मक संकट से गुजर रही है। प्रवेश वर्मा द्वारा केजरीवाल की तुलना ‘रहमान डकैत’ (फिल्म धुरंधर 2 का संदर्भ) से किए जाने पर भी आतिशी ने कड़ी आपत्ति जताई और इसे स्तरहीन राजनीति बताया।
आने वाले दिनों में यह विवाद और बढ़ने के आसार हैं, क्योंकि भाजपा इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाने की योजना बना रही है, वहीं ‘आप’ इसे ‘झूठ की राजनीति’ बताकर बचाव कर रही है।


