जर्मनी के मोर्स (Moers) शहर में स्थित ‘गुरुद्वारा सिंह सभा’ में सिखों के दो गुटों के बीच हुई हिंसक झड़प ने गंभीर रूप ले लिया है। इस घटना में कम से कम 11 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना का मुख्य विवरण:
- हथियारों का इस्तेमाल: प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, झड़प के दौरान चाकू, कृपाण, पेपर स्प्रे और यहाँ तक कि एक पिस्तौल का भी इस्तेमाल किया गया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में गुरुद्वारे के भीतर लोग एक-दूसरे पर हमला करते और पगड़ियां उछलते हुए दिखाई दे रहे हैं।
- पुलिस की कार्रवाई: स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जर्मनी की स्पेशल टास्क फोर्स (SEK) सहित करीब 100 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। इलाके को पूरी तरह सील कर दिया गया और हवाई निगरानी के लिए हेलीकॉप्टर का सहारा लिया गया। पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है।
- विवाद का कारण: शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि यह हिंसा गुरुद्वारे के प्रबंधन (मैनेजमेंट) और फंड को लेकर चल रहे पुराने विवाद का नतीजा है। बताया जा रहा है कि नए बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के चुनाव और पैसों के लेनदेन को लेकर पूर्व और वर्तमान कमेटी सदस्यों के बीच लंबे समय से खींचतान चल रही थी।
प्रत्यक्षदर्शियों का बयान:
एक प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, यह हमला पूर्व-नियोजित लग रहा था। प्रार्थना सेवा (संगत) शुरू होने से ठीक पहले हमलावरों ने अचानक पेपर स्प्रे छिड़का और फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग के लिए इस्तेमाल किए गए हथियार के खोखे बरामद हुए हैं, जिससे पुलिस को संदेह है कि यह एक ‘ब्लैंक-फायरिंग’ (बिना गोली वाली) पिस्तौल हो सकती है, हालांकि असली हथियार की तलाश जारी है।
जर्मन अधिकारी वर्तमान में मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं और गुरुद्वारे की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। खुशकिस्मती से इस हिंसा में किसी की जान जाने की खबर नहीं है।


