मध्य-पूर्व में 28 फरवरी 2026 से जारी अमेरिका-इजरायल बनाम ईरान युद्ध अपने खौफनाक दौर में पहुंच गया है। पिछले 52 दिनों से चल रहे इस भीषण सैन्य टकराव में अब तक 3,375 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इस युद्ध ने न केवल क्षेत्रीय स्थिरता को हिला दिया है, बल्कि भारी संख्या में निर्दोष नागरिकों, विशेषकर बच्चों को अपना शिकार बनाया है।
हताहतों का भयावह आंकड़ा
ईरानी फोरेंसिक विभाग और स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध की विभीषिका ने मानवता को गहरे जख्म दिए हैं:
- संघर्ष में अब तक 3,375 लोगों की जान जा चुकी है। इसमें सुरक्षा बलों के साथ-साथ बड़ी संख्या में नागरिक भी शामिल हैं।
- सबसे दुखद पहलू यह है कि हताहतों में 383 से अधिक बच्चे (18 वर्ष से कम आयु) शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने इसे इस दशक का सबसे बड़ा मानवीय संकट बताया है।
- युद्ध में अब तक 26,500 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कई की हालत नाजुक बनी हुई है।
52 दिनों का संघर्ष और तबाही
यह युद्ध 28 फरवरी को ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ (Operation Epic Fury) के साथ शुरू हुआ था, जो अब अपने सातवें हफ्ते में प्रवेश कर चुका है।
- बुनियादी ढांचे का विनाश: अमेरिका और इजरायल के हवाई हमलों ने ईरान के एयरपोर्ट्स, बंदरगाहों और ऊर्जा संयंत्रों को निशाना बनाया है। हालांकि तेहरान का दावा है कि उसके एयरपोर्ट का 95% ढांचा अभी भी सुरक्षित है, लेकिन आर्थिक नुकसान 300 अरब डॉलर से 1 ट्रिलियन डॉलर के बीच आंका जा रहा है।
- मिनाब स्कूल हमला: युद्ध के शुरुआती दिनों में मिनाब (हॉर्मोज़्गान प्रांत) के एक गर्ल्स स्कूल पर हुए हमले को सबसे भीषण माना जा रहा है, जिसमें करीब 165-180 छात्राएं मारी गई थीं।
शांति वार्ता पर मंडराते बादल
पाकिस्तान की मध्यस्थता में इस्लामाबाद में होने वाली दूसरे दौर की शांति वार्ता वर्तमान तनाव के कारण अधर में लटकी हुई है।
- ईरान का इनकार: होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नौसेना द्वारा ईरानी जहाज ‘तूस्का’ को जब्त किए जाने के विरोध में ईरान ने वार्ता में शामिल होने से मना कर दिया है।
- युद्धविराम का अंत: दो सप्ताह का अस्थायी युद्धविराम इस बुधवार को समाप्त हो रहा है। यदि बातचीत शुरू नहीं होती है, तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट्स और पुलों को पूरी तरह तबाह करने की चेतावनी दी है।
संयुक्त राष्ट्र और यूनिसेफ (UNICEF) ने स्थिति को “विनाशकारी” बताते हुए दोनों पक्षों से तत्काल हिंसा रोकने की अपील की है ताकि बच्चों और आम नागरिकों की जान बचाई जा सके।


